तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में हलचल
वॉशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को एक और बड़ा झटका लगा है। अमेरिका की डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा देने का एलान किया है। उन्होंने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात कर अपने पैâसले की जानकारी दी। उनका इस्तीफा ३० जून, २०२६ से प्रभावी होगा। गबार्ड ने आधिकारिक कारण अपने पति अब्राहम विलियम्स को दुर्लभ बोन वैंâसर होने और परिवार को समय देने की आवश्यकता बताया है। हालांकि, वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों में इसे केवल निजी कारणों से जुड़ा पैâसला मानने को लेकर संशय है। रॉयटर्स की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया है कि व्हाइट हाउस के भीतर गबार्ड को लेकर असंतोष बढ़ रहा था और उन्हें कई अहम राष्ट्रीय सुरक्षा चर्चाओं से अलग रखा जा रहा था। ईरान नीति, खुफिया एजेंसियों के भीतर बदलाव और संवेदनशील दस्तावेजों को सार्वजनिक करने जैसे मुद्दों पर उनकी भूमिका विवादों में रही।
तुलसी गबार्ड का जाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे ट्रंप की उन विश्वसनीय चेहरों में मानी जाती थीं, जिन्हें प्रशासन की वैचारिक दिशा का हिस्सा समझा जाता था। इससे पहले एलन मस्क और ट्रंप के बीच भी खुली तकरार सामने आ चुकी है। मस्क ने ट्रंप की आर्थिक नीतियों और कर विधेयक को लेकर अलग राह पकड़ी थी और बाद में अपनी अलग राजनीतिक पहल तक शुरू कर दी थी।
डोनाल्ड की हिल रही कुर्सी
अब सवाल उठ रहा है कि क्या ट्रंप की कुर्सी सचमुच हिल रही है या यह केवल सत्ता के भीतर सामान्य फेरबदल है? फिलहाल रिपब्लिकन आधार पर ट्रंप की पकड़ पूरी तरह टूटी हुई नहीं दिखती, लेकिन भरोसेमंद सहयोगियों का एक-एक कर दूर जाना उनके नेतृत्व की स्थिरता पर सवाल जरूर खड़े कर रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील पद से गबार्ड का जाना ट्रंप प्रशासन के लिए राजनीतिक और प्रशासनिक, दोनों स्तरों पर झटका है।
