रवीन्द्र मिश्रा / मुंबई
मुंबई के अंधेरी पश्चिम स्थित आजाद नगर की रहने वाली प्रतिभाशाली छात्रा श्वेता मेनन ने सीबीएसई बोर्ड की 12वीं परीक्षा 2025-26 में 500 में से 499 अंक प्राप्त कर अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। इस शानदार उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे इलाके को गौरवान्वित कर दिया है। अपनी मेहनत और अनुशासन के दम पर सफलता की नई इबारत लिखने वाली श्वेता का सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाकर देश और समाज के लिए काम करना है।
चेन्नई के प्रतिष्ठित हर्टफुलनेस इंटरनेशनल स्कूल में अध्ययनरत श्वेता शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। परीक्षा परिणाम घोषित होते ही परिवार और परिचितों में खुशी की लहर दौड़ गई। श्वेता के पिता सूरज मेनन एक निजी कंपनी में सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां संगीता मेनन कंप्यूटर साइंस शिक्षिका हैं। परिवार का मानना है कि श्वेता की सफलता कठिन परिश्रम, सकारात्मक सोच और संस्कारों का परिणाम है।
श्वेता के परदादा और प्रसिद्ध समाजसेवी एम.के. मेनन ने अपनी प्रपौत्री की इस उपलब्धि को भगवान गणेश की कृपा बताया। वर्ष 1997 में महाराष्ट्र के राज्यपाल द्वारा समाज सेवा के लिए सम्मानित हो चुके एम.के. मेनन ने कहा कि “जब मेहनत के साथ आस्था जुड़ जाए तो सफलता निश्चित हो जाती है। आज हमारे परिवार के लिए यह गर्व और खुशी का क्षण है।”
गौरतलब है कि एम.के. मेनन, जिन्हें लोग स्नेह से “मेनन मामा” कहते हैं, ने अपने साथियों के साथ मिलकर आजाद नगर गणेशोत्सव मंडल की स्थापना की थी। यह मंडल “अंधेरी के राजा” के नाम से पूरे महाराष्ट्र में प्रसिद्ध है। ऐसी मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। यही कारण है कि हर वर्ष हजारों श्रद्धालु, राजनेता और फिल्मी हस्तियां यहां दर्शन के लिए पहुंचती हैं।
आज श्वेता मेनन की उपलब्धि को लोग केवल एक शैक्षणिक सफलता नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा और सपनों को सच करने वाली मिसाल के रूप में देख रहे हैं।
