-एमआईडीसी मेट्रो स्टेशन बना आवारा कुत्तों का अड्डा
-प्रवेश-द्वार और एस्केलेटर के पास यात्रियों में दहशत
द्रुप्ति झा / मुंबई
मुंबई की महत्वाकांक्षी एक्वा लाइन मेट्रो को यात्रियों को आधुनिक, सुविधाजनक और सुरक्षित परिवहन सुविधा देने के दावे के साथ शुरू किया गया है। लेकिन स्टेशन परिसर की सामने आई तस्वीरें इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं। एमआईडीसी मेट्रो स्टेशन के प्रवेश-द्वार, सीढ़ियों, एस्केलेटर और यात्रियों की आवाजाही वाले रास्तों पर आवारा कुत्तों का जमावड़ा यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनता दिखाई दे रहा है।
पीक ऑवर्स में कुत्तों का जमावड़ा
एमआईडीसी मेट्रो स्टेशन के प्रवेश-द्वार पर सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में कई आवारा कुत्ते डेरा जमाए बैठे नजर आते हैं। स्टेशन में आने-जाने वाले यात्रियों को इन कुत्तों के बीच से गुजरना पड़ता है। कई कुत्ते फर्श और सीढ़ियों पर आराम फरमाते दिखाई देते हैं, जबकि कुछ यात्रियों के रास्ते में ही बैठे रहते हैं। ऐसे में अचानक किसी कुत्ते के भड़कने या झपटने की स्थिति में भगदड़ मच सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चिंता का विषय है। कुत्तों के कारण कोई यात्री गिरकर घायल हुआ या भगदड़ जैसी स्थिति बनी, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?
सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
मेट्रो स्टेशन जैसे सार्वजनिक परिवहन के संवेदनशील परिसर में यात्रियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और निगरानी व्यवस्था की जाती है। इसके बावजूद आवारा कुत्तों का खुलेआम स्टेशन परिसर में घूमना सुरक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। एक ओर मुंबई में आवारा कुत्तों के काटने की घटनाओं को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर मेट्रो स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान पर कुत्तों का इस तरह बेखौफ घूमना प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है।
