-२ हजार का बिल पहुंचा ८ हजार के पार…विरोध प्रदर्शन के बावजूद सुनवाई नहीं होने का आरोप
द्रुप्ति झा / मुंबई
विरार-पश्चिम में बिजली बिलों में कथित भारी बढ़ोतरी को लेकर महावितरण के खिलाफ नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्थानीय रहिवासियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उनके बिजली बिलों में अचानक कई गुना वृद्धि हो गई है। जिन घरों में पहले करीब २ हजार रुपए का बिजली बिल आता था, वहां अब ४ हजार से लेकर ८ हजार रुपए से अधिक के बिल पहुंच रहे हैं। स्थानीय रहिवासी तुषार शुक्ला ने कहा कि बिजली की खपत में कोई खास बढ़ोतरी नहीं होने के बावजूद बिल कई गुना बढ़कर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, पहले करीब २ हजार रुपए का बिल आता था, लेकिन अब ४ से ८ हजार रुपए से अधिक का बिल भेजा जा रहा है। शिकायतों के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं मिलने के कारण हमें सड़क पर उतरना पड़ा है।
विरार-पश्चिम के नागरिकों के अनुसार, बढ़े हुए बिजली बिलों के विरोध में पिछले १६ दिनों से महावितरण कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कड़ी धूप में धरना देने के बावजूद अब तक उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। नागरिकों का आरोप है कि शिकायत करने पर अधिकारियों की ओर से उन्हें केवल आश्वासन दिया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने भी उठाया सवाल
कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी एवं समाजसेवक सुहेल खान ने महावितरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर नागरिकों में जागरूकता पैâलाने के बजाय उनकी वास्तविक शिकायतों का समाधान किया जाना चाहिए। इस मामले में महावितरण का पक्ष जानने के लिए सामना संवाददाता ने संबंधित अधिकारी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारी ने फोन का जवाब नहीं दिया।
मध्यमवर्गीय परिवारों पर बढ़ा आर्थिक बोझ
नागरिकों का कहना है कि बिजली की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं होने के बावजूद बिलों में चार से पांच गुना तक बढ़ोतरी दिखाई दे रही है। अचानक बढ़े इन बिलों के कारण गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के घरेलू बजट पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है।
