सुरेश गोलानी
काशीमीरा शूट-आउट मामले के मास्टरमाइंड और वांटेड आरोपी अख्तर कासिम अली मर्चेंट को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, अख्तर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का पूर्व सहयोगी है और उसके खिलाफ लुकआउट/रेड कॉर्नर नोटिस जारी था।
यह घटना १३ अक्टूबर २०२३ की है। सुबह करीब १० बजे काशीमीरा नाका इलाके की ‘इंटरनेशनल बेकिंग कंपनी’ में हेलमेट पहने एक युवक घुसा और कर्मचारी चंद्रकांत कोंडगुले पर रिवॉल्वर तान दी। कई बार फायर करने की कोशिश नाकाम रही। हमलावर अपने साथी के साथ बाइक पर फरार हो गया। पूरी वारदात सीसीटीवी में वैâद हो गई थी। इस मामले में ११ मार्च को मीरा-भायंदर वसई-विरार पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आरोपी निसार अहमद शेख उर्फ ‘पप्पू पेजर’ को मुंबई एयरपोर्ट से पकड़ा था। बेकरी मालिक इब्राहिम पटेल को व्हॉट्सऐप कॉल कर फिरौती मांगने का तार अख्तर से जुड़ रहा था।
गुटखे से कनेक्शन
पुलिस ने फिरौती और गोलीबारी को अवैध गुटखा व्यापार से जोड़कर देखा है, हालांकि इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक, गुजरात से मुंबई-ठाणे में प्रतिबंधित गुटखे की तस्करी करने वाले गिरोहों ने काशीमीरा को ट्रांजिट पॉइंट बना लिया है। यहां से हर रोज करोड़ों का गुटखा पूरे महाराष्ट्र में सप्लाई होता है। अब जांच एजेंसियों के सामने सवाल है- गुटखे से कमाई गई काली कमाई का इंटरनेशनल माफिया से कोई लिंक है या यह सिर्फ लोकल स्तर की रंगदारी है?
पुलिस-एफडीए पर सवाल
आरोप है कि पुलिस और एफडीए के अधिकारी बड़े गुटखा गिरोहों पर कार्रवाई से बचते हैं। सिर्फ छोटी-मोटी छापेमारी कर सप्लाई चेन की मुख्य जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। इसी वजह से गुटखा माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। इस शूट-आउट केस में काशीमीरा पुलिस ने अख्तर और उसके साथियों पर बीएनएस, आर्म्स एक्ट के साथ मकोका भी लगाया है। क्राइम ब्रांच को इंटरपोल के जरिए अख्तर के विदेश में होने की जानकारी मिली थी। पप्पू पेजर की गिरफ्तारी के बाद अब अख्तर मर्चेंट की पूछताछ में गुटखे के काले धंधे के कई राज खुलने की उम्मीद है।
जमानत पर छूटकर हुआ था फरार
२०१८ में मीरा रोड के नया नगर पुलिस स्टेशन में एक व्यवसायी के अपहरण और फिरौती के मामले में भी अख्तर पर केस दर्ज था। जमानत पर छूटने के बाद वह फरार हो गया था। अख्तर नालासोपारा-पश्चिम के सोपारा गांव का रहने वाला है।
