सुरेश गोलानी / भायंदर
वैसे तो बीयर की दुकानों पर बैठकर पीने-पिलाने पर पाबंदी है। बावजूद इसके मीरा-भायंदर शहर में कई बीयर की दुकानों ने आबकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए मिनी बार का रूप ले लिया है, जहां खुलेआम पीने-पिलाने का दौर देर रात तक चलता है। स्थानीय निवासियों की शिकायत पर नवघर पुलिस ने भायंदर-पूर्व के इंद्रलोक इलाके में स्थित सदानंद बीयर शॉप पर छापा मारा। हालांकि, कार्रवाई होने की भनक लगते ही मालिक ने पुलिस के पहुंचने के पहले ही दुकान को बंद कर दिया था।
पुलिस द्वारा दुकान खुलवाकर ली गई तलाशी के दौरान बीयर की खाली बोतलों के अलावा बड़ी मात्रा में विभिन्न ब्रांड की व्हिस्की, रम और वोदका की भरी हुई शीशियां भी बरामद की गई। पुलिस ने दुकान चालने वाले ५५ वर्षीय जगदीश पोमैया शेट्टी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ महाराष्ट्र दारूबंदी अधिनियम-१९४९ की संबंधित धाराओं के तहत गैर कानूनी तरीके से दुकान को सार्वजनिक मद्यपान के लिए उपयोग करने और बियर के अलावा प्रतिबंधित शराब बेचकर परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। इन धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर तीन साल से पांच साल तक का कारावास, २५,००० से ५०,००० रुपए तक का जुर्माने या दोनों की सजा हो सकती है। इसके अलावा आबकारी विभाग को इस तरह के नियमों के उल्लंघन (ब्रीच ऑफ रूल्स) के लिए ऐसी दुकानों का लाइसेंस रद्द या या निलंबित करने का अधिकार प्राप्त है। ज्ञात हो कि शहर में ६० से अधिक पंजीकृत (एफएलबीआर घ्घ्) बीयर की दुकानें हैं, जिन्हें सिर्फ सीलबंद बीयर और वाइन बोतलों की खुदरा बिक्री (ओवर द काउंटर सेल) करने की अनुमति है। लेकिन हालात ये हैं कि अधिकतम बीयर शॉप के मालिक नाबालिग बच्चों और विद्यार्थियों सहित ग्राहकों को शराब बेचने या फिर दुकान के अंदर परोसने से भी नहीं हिचकिचाते हैं।
