मध्यप्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट श्री अनिल मिश्रा के साथ राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धर्वेया और सामान्य जन चेतना मंच के माननीय पंडित पंकज त्रिपाठी ने भयभीत परिजनों को हरसंभव कानूनी, सामाजिक एवं नैतिक सहयोग का आश्वासन दिया। डेलिगेशन ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई की जा रही है, तो यह लोकतंत्र एवं न्याय व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।
बलरामपुर जेल में निरुद्ध ललित कौशिक के मुरादाबाद, यूपी स्थित आवास पर आज वरिष्ठ अधिवक्ताओं एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. ललित कौशिक के परिजनों से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली और परिवार को हरसंभव कानूनी, सामाजिक एवं नैतिक सहयोग का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अनिल मिश्रा, राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धर्वेया तथा सामान्य जन चेतना मंच के माननीय पंडित पंकज त्रिपाठी प्रमुख रूप से शामिल रहे।
परिजनों ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि ललित कौशिक को लगभग तीन वर्ष पूर्व जेल भेजा गया था। जेल में निरुद्ध रहने के दौरान उनके विरुद्ध लगातार झूठे एवं मनगढ़ंत मुकदमे दर्ज कराए जाते रहे। परिवार का आरोप है कि अब तक 27 से अधिक मुकदमे राजनीतिक दबाव एवं व्यक्तिगत द्वेष की भावना से दर्ज किए जा चुके हैं।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई की जा रही है, तो यह लोकतंत्र एवं न्याय व्यवस्था दोनों के लिए चिंताजनक विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस प्रशासन राजनीतिक दबाव में कार्य कर रहा है। निष्पक्ष जांच के बजाय दबाव में कार्यवाही की जा रही है।
वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट अनिल मिश्रा ने कहा कि कानून का उद्देश्य न्याय प्रदान करना है, न कि किसी निर्दोष व्यक्ति का उत्पीड़न करना। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो इस पूरे प्रकरण को उच्च न्यायालय, मानवाधिकार आयोग एवं अन्य संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष उठाया जाएगा।
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धर्वेया ने कहा कि समाज किसी भी निर्दोष व्यक्ति के उत्पीड़न को स्वीकार नहीं करेगा और न्याय की इस लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ लड़ा जाएगा। वहीं, सामान्य जन चेतना मंच के पंडित पंकज त्रिपाठी ने कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष जांच एवं पारदर्शी न्यायिक प्रक्रिया सर्वोपरि होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
इस दौरान दीपक द्विवेदी, रजत शर्मा, दुष्यंत कौशल, राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष मंजू शुक्ला, रजत श्रोत्रिय, अखिलेश पांडे सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों से जुड़े गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए ललित कौशिक के परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार एवं संबंधित उच्च अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने, राजनीतिक दबाव में दर्ज किए गए मुकदमों की समीक्षा करने और डॉ. ललित कौशिक एवं उनके परिवार को न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है।
