मुख्यपृष्ठस्तंभरिश्तों के नाम पर ठगी का जाल...लुटेरी दुल्हन से हनीट्रैप तक

रिश्तों के नाम पर ठगी का जाल…लुटेरी दुल्हन से हनीट्रैप तक

शादी, भरोसे और सामाजिक प्रतिष्ठा को हथियार बनाकर ठगी करने वाले गिरोह अब नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आया मामला इसी बदलते अपराध का चौंकाने वाला उदाहरण है। शहर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के नाका चंद्रवदनी इलाके में एक कथित ‘लुटेरी दुल्हन’ और उसके गिरोह ने जबलपुर के युवक को शादी के नाम पर ठगने की साजिश रची।
पूरे मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह रहा कि विवाह मंडप में दुल्हन का भाई बनकर रस्में निभाने वाला व्यक्ति असल में उसका पहला पति निकला। आरोप है कि यह पूरा नाटक युवक की गाढ़ी कमाई और घर के जेवरात समेटने के लिए रचा गया था। शादी के बाद दुल्हन के व्यवहार और बातचीत को लेकर शक गहराया। इसी बीच उसकी एक चैट सामने आई, जिससे पूरे गिरोह की पोल खुल गई। इसी तरह बिहार के मुजफ्फरनगर जिले में भी पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने कथित ‘लुटेरी दुल्हन’ समेत तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से शादी में दिए गए गहने भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह खास तौर पर उन परिवारों को निशाना बनाता था, जिनके बेटों की शादी नहीं हो पा रही होती थी और जो रिश्ते के लिए जल्दबाजी में निर्णय लेने को तैयार हो जाते थे। इन घटनाओं के बीच हनीट्रैप का एक और मामला सामने आया, जिसमें दूसरे राज्य में तैनात एक आईएएस अधिकारी के पिता को ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई। फोन करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी के कार्यालय में तैनात पुलिसकर्मी बताया और हनीट्रैप में फंसाने की धमकी देकर रुपए मांगे। मामले में एक सपा नेता का नाम भी सामने आया है। ऑडियो रिकॉर्डिंग सहित एसपी से शिकायत की गई, जिसके बाद जांच बैठाने और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं बताती हैं कि अपराधी अब रिश्तों, अकेलेपन, शादी की चिंता और सामाजिक प्रतिष्ठा को हथियार बना रहे हैं। पुलिस कार्रवाई के साथ परिवारों की सतर्कता भी जरूरी है। विवाह संबंध तय करते समय पहचान, पारिवारिक पृष्ठभूमि और दस्तावेजों की जांच अब औपचारिकता नहीं, सुरक्षा की पहली शर्त बन चुकी है। इन मामलों से साफ है कि अपराधी अब विवाह को भी ठगी का औजार बना रहे हैं। ऐसे गिरोह खासकर उन परिवारों को निशाना बनाते हैं, जिनके बेटे की शादी नहीं हो पा रही होती या जो रिश्ता तय करने में जल्दबाजी करते हैं। इसलिए शादी तय करते समय आधार, पहचान, पारिवारिक पृष्ठभूमि, पहले विवाह की स्थिति, स्थानीय पुलिस सत्यापन और मध्यस्थ की विश्वसनीयता की जांच बेहद जरूरी है। भरोसा जरूरी है, लेकिन आंख मूंदकर भरोसा अब खतरनाक हो सकता है।
लुटेरी दुल्हनों के अन्य उदाहरण
लुटेरी दुल्हन का अपराध अब किसी एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं रहा। यह एक संगठित ठगी का रूप ले चुका है, जिसमें शादी न हो पाने की सामाजिक चिंता, परिवारों की भावनात्मक कमजोरी और विवाह की जल्दबाजी का फायदा उठाया जाता है।
१. देवास, मध्य प्रदेश का सामूहिक ठगी मामला
मध्य प्रदेश के देवास में ४२ दूल्हे मंदिर में शादी के लिए पहुंचे, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी दुल्हनें नहीं आर्इं। इन युवकों से शादी कराने के नाम पर १५ हजार से २५ हजार रुपये तक वसूले गए थे। लड़कों को दुल्हनों की तस्वीरें भेजकर भरोसे में लिया गया, लेकिन तय तारीख पर पूरा गिरोह गायब हो गया।
२. अनुराधा पासवान मामला
राजस्थान और भोपाल पुलिस की कार्रवाई में अनुराधा पासवान नाम की महिला को गिरफ्तार किया गया था। उस पर आरोप था कि उसने करीब ७ महीने में २५ शादियां कीं और शादी के बाद दूल्हों के घर से नकदी व जेवर लेकर फरार हो जाती थी। पुलिस के अनुसार, यह पूरा गिरोह शादी के इच्छुक परिवारों को निशाना बनाता था।
३. शामली, उत्तर प्रदेश का फर्जी शादी गिरोह
उत्तर प्रदेश के शामली में भी पुलिस ने फर्जी शादी कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। रिपोर्ट के मुताबिक, गिरोह गरीब या परेशान परिवारों को निशाना बनाता था। शादी के बाद दुल्हन की भूमिका निभाने वाली महिला घर से कीमती सामान लेकर फरार हो जाती थी। इस मामले में लुटेरी दुल्हन समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी बताई गई।
४. महराजगंज, उत्तर प्रदेश का गिरोह
महराजगंज में भी शादी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक पुरुष आरोपी फरार बताया गया। आरोप था कि गिरोह नकदी और जेवरात ठगने के लिए फर्जी शादी रचाता था।

अन्य समाचार