-अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के करीब दक्षिणी ईरान में किए हमले
-बंदर अब्बास पोर्ट पर अमेरिका ने बरसाए गोले
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक बार फिर अमेरिका और ईरान आमने-सामने नजर आ रहे हैं। एक ओर बातचीत और कूटनीति की बातें हो रही हैं, तो दूसरी ओर समुद्र में युद्ध जैसे हालात बनते दिखाई दे रहे हैं।
दावा किया जाता है कि बस डील होने ही वाली है, तो कभी अचानक ही युद्ध वाला संकट गहराने लगता है। मिसाइलें गिरने लगती हैैं, ड्रोन उड़ने लगते हैं और बारूदी तबाही शुरू हो जाती है। ऐसा ही पिछले २४ घंटे से हो रहा है। शांति के प्रयासों के बीच अचानक से बारूद की चिंगारी भड़क गई।
एक तरफ ट्रंप सोशल मीडिया पर डील वाले दावे कर रहे थे। दूसरी तरफ होर्मुज स्ट्रेट में युद्ध वाला बटन ऑन कर रहे थे। अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के करीब दक्षिणी ईरान में कई हमले किए। ईरान के कई तटीय इलाकों को मिसाइलों से टारगेट किया। यह घटना बताती है कि ईरान को लेकर ट्रंप कंफ्यूजड हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा, बातचीत से अपनी शर्तें मनवाएं या हथियारों की ताकत से ईरान को झुकाएं।
दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बिल्कुल पास ईरान की एक बहुत ही अहम रणनीतिक लोकेशन है। जिसका नाम बंदर अब्बास पोर्ट है, जहां अमेरिका ने हमला किया। बताया जा रहा है कि यहां एक के बाद एक कई धमाके हुए। अमेरिकी हमलों के बाद ईरानी एयर डिफेंस एक्टिव हुआ, जिससे धमाके की आवाज सुनी गई। आईआरजीसी की तरफ से भी बंदर अब्बास में ३ धमाकों की पुष्टि की गई।
