सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में रक्तपेढ़ियों के निजीकरण और खुले मैदानों के आरक्षण में बदलाव के प्रस्ताव को लेकर शिंदे-भाजपा सरकार पर शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबईकरों का खून और सांस बेचने की साजिश रची जा रही है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि शिवसेना इस पूरे मामले का पूरी ताकत से विरोध करेगी।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई मनपा की सुधार समिति की बैठक में रक्तपेढ़ियों के निजीकरण का प्रस्ताव लाया जा रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के सरकारी बंगले के पीछे की गली में स्थित ग्रीन जोन के एक भूखंड का आरक्षण बदलकर उसे आवासीय क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की नाक के नीचे यह पूरा खेल चल रहा है और अब मुख्यमंत्री को खुद सोचना चाहिए कि गद्दार आखिर क्या कर रहे हैं।
खुले मैदान बिल्डरों के हवाले करने की कोशिश
आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई के खुले मैदान और सार्वजनिक सुविधाएं बिल्डरों और निजी कंपनियों के हवाले करने की कोशिश की जा रही है। आदित्य ठाकरे ने यह भी दावा किया कि सुधार समिति की बैठक २० मई को प्रस्तावित थी, लेकिन १९ मई को अचानक रद्द कर दी गई। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संभवत: उस समय डील पूरी नहीं हुई थी इसलिए बैठक स्थगित की गई।
उन्होंने कहा कि मुंबई की जनता के हितों के खिलाफ लिए जा रहे ऐसे पैâसलों को शिवसेना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी और सड़कों से लेकर सदन तक आंदोलन किया जाएगा।
