मुख्यपृष्ठनए समाचारभारत में बारूद बिछाने की थी साजिश!

भारत में बारूद बिछाने की थी साजिश!

-यूपी एटीएस-एसटीएफ के संयुक्त
ऑपरेशन से आतंकी माड्यूल का पर्दाफाश

-पाकिस्तान में बैठे आकाओं द्वारा इन युवकों को लगातार मोटिवेट किया जा रहा था। वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें नए लड़कों को नेटवर्क से जोड़ने, हथियार खरीदने और पैसों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाते थे।

-सहारनपुर से पकड़े
गए ४ संदिग्धों ने
बढ़ाई सनसनी
-आईएसआई के इशारे
भारत में स्लीपर सेल
बनाने की थी तैयारी

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
देश को दहलाने की बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। यूपी एटीएस और एसटीएफ के संयुक्त ऑपरेशन में ऐसे संदिग्धों को पकड़ा गया है, जिन पर भारत में स्लीपर सेल खड़ा करने और आतंकी नेटवर्क पैâलाने का आरोप है। सहारनपुर से गिरफ्तार चार संदिग्धों के तार कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि ये लोग देश में ‘बारूद’ बिछाने की तैयारी में थे और युवाओं को कट्टरपंथ की राह पर धकेलने की साजिश रच रहे थे। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और पूरे नेटवर्क की पड़ताल तेज कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए चार युवकों को सहारनपुर से गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई को यूपी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड और यूपी स्पेशल टास्क फोर्स ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्ठी और आतंकी आबिद जद से जुड़ा हुआ था, जो सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को अपने जाल में फंसाकर देश विरोधी गतिविधियों के लिए तैयार कर रहे थे। एटीएस और एसटीएफ को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर भारत में एक संगठित नेटवर्क खड़ा किया जा रहा है। इसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासतौर पर इंस्टाग्राम और वीडियो कॉलिंग ऐप्स के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ और आतंकी गतिविधियों की ओर धकेला जा रहा था। इसके बाद करीब २०० संदिग्ध मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया अकाउंट्स की निगरानी शुरू की गई। जांच में कई अहम सुराग मिलने के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों को देश में दहशत पैâलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए अलग-अलग टारगेट दिए गए थे। इनमें एक राजनीतिक दल का कार्यालय, एक अस्पताल और एक ऐसे व्यक्ति को निशाना बनाने की योजना शामिल थी, जिसके कई स्कूल संचालित हैं। एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों को पहले रेकी करने और फिर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
रील बनाते-बनाते पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आए थे संदिग्ध युवक
तेलंगाना पुलिस ने २५ मई को गाजियाबाद के जैद खान को गिरफ्तार किया था। जांच में पाया गया था कि जैद ने यूपी के कई मंत्रियों के मोबाइल नंबर पाकिस्तानी हैंडलर्स को दिए थे। जैद सोशल मीडिया पर रील बनाया करता था। उसी समय वह पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आया था।

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