-गृह मंत्री के अलवर दौरे से पहले पुलिस ने हिरासत में लिए कई छात्र
-काले झंडे दिखाने की थी तैयारी
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलवर दौरे से पहले कई छात्रों को हिरासत में लिए जाने की खबर ने सियासत गरमा दी है। बताया जा रहा है कि छात्र काले झंडे दिखाकर विरोध जताने की तैयारी में थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार को छात्रों के विरोध से इतना डर लगने लगा है कि प्रदर्शन से पहले ही पुलिस कार्रवाई करनी पड़ी? लोकतंत्र में विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश के आरोपों ने सरकार के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह कल राजस्थान के अलवर आए थे। अलवर दौरे से पहले पुलिस ने विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरआर सर्किल से एनएसयूआई प्रदेश महासचिव विनोद जाटव, युवा नेता विशाल भाटी, प्रदेश सचिव अंकित गुर्जर, जिला उपाध्यक्ष अजय चौधरी सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। मिली जानकारी के अनुसार,एनएसयूआई और छात्र संगठनों की ओर से अमित शाह के कार्यक्रम के दौरान छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन की तैयारी की गई थी। प्रदर्शनकारी आरआर कॉलेज में जुटने वाले थे। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के दौरान काले झंडे दिखाकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने की तैयारी में थे।
छात्रों ने खराब सड़कों, मत्स्य घोटाले और चुनावों का भी किया जिक्र
छात्र सिर्फ जंतर-मंतर पर हुई घटना से ही नाराज नहीं थे। वे अलवर में खराब सड़क व्यवस्था, स्थानीय मत्स्य घोटाले और राजस्थान में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग भी उठाना चाहते थे। पुलिस ने छात्रों की इस गिरफ्तारी को `निवारक कार्रवाई’ बताया। उनका कहना था कि वे किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचना चाहते हैं।
सीजेपी ने दी चेतावनी…`शाह चाहें तो पूरे देश में ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू कर देंगे’
सीजेपी के आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर अमित शाह और सरकार पर निशाना साधते हुए देशभर में `जेल भरो आंदोलन’ शुरू करने की चेतावनी दी है। आशुतोष रांका ने रविवार को `एक्स’ पर अंग्रेजी में ट्वीट किया, जिसका हिंदी अर्थ है कि अगर अमित शाह और उनके साथ के लोग चाहते हैं तो सीजेपी पूरे देश में जेल भरो आंदोलन शुरू कर देगी।
