एजेंसी / मुंबई
रेल यात्री सावधान…!
एनसीआरबी की
ताजा रिपोर्ट में खुलासा
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट में रेलवे अपराधों को लेकर चौंकानेवाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, रेल यात्रा के दौरान होनेवाले अपराधों के मामलों में महाराष्ट्र देश में सबसे आगे पहुंच गया है। राज्य में संपत्ति चोरी, छिनैती और डवैâती के कुल २० हजार ५१९ मामले दर्ज किए गए हैं, जो देशभर में दर्ज रेलवे अपराधों का बड़ा हिस्सा है।
एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में जीआरपी द्वारा कुल ८३ हजार ६९९ अपराध दर्ज किए गए, जिनमें से अकेले महाराष्ट्र में २० हजार ५१९ मामले सामने आए। चोरी के मामलों में भी महाराष्ट्र शीर्ष पर है। पूरे देश में दर्ज ५९ हजार ५२१ चोरी की घटनाओं में से १९ हजार २६६ मामले महाराष्ट्र के रेलवे नेटवर्क से जुड़े हैं।
महिला सुरक्षा से जुड़े अपराध में भी अव्वल
महिला सुरक्षा से जुड़े अपराधों में महाराष्ट्र देश में पहले और केरल दूसरे स्थान पर है। हालांकि, हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे कुछ गंभीर मामलों में हरियाणा की स्थिति महाराष्ट्र से अधिक खराब पाई गई है। रिपोर्ट में गंभीर चोट पहुंचाने के १२४, अपहरण के ५३ और धोखाधड़ी के ५३ मामलों का भी जिक्र किया गया है।
भीड़ बन रही अपराधियों के लिए सहूलियत
विशेषज्ञों के अनुसार, मुंबई की उपनगरीय लोकल ट्रेनों और लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ अपराधियों के लिए सबसे बड़ी सहूलियत बन रही है। भीड़भाड़ का फायदा उठाकर जेबकतरे, चोर और अन्य अपराधी आसानी से वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के मामले में भी महाराष्ट्र की स्थिति चिंताजनक बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, रेल सफर के दौरान हत्या के ११, बलात्कार के ६ और महिलाओं व बच्चों के उत्पीड़न के १४६ मामले दर्ज किए गए हैं।
वहीं साल २०२४ में महिलाओं से जुड़े अपराधों में छेड़छाड़ के ६१, यौन उत्पीड़न के ४५, पीछा करने के ११ और पॉक्सो कानून के तहत ३३ मामले दर्ज हुए हैं।
