सुनील ओसवाल / मुंबई
-फडवणीस के गृह जिले में दवा के लिए तड़प रहे कैंसर मरीज
-महात्मा फुले जनआरोग्य योजना के समन्वयक डॉ. विजय मोहबिया के अनुसार, सप्लायर के भुगतान में देरी के कारण कुछ दवाओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
महाराष्ट्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह जिले नागपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पिछले करीब एक महीने से वैंâसर मरीजों के लिए जरूरी कीमोथेरेपी दवाओं और इंजेक्शनों की कमी बनी हुई है। स्थिति यह है कि कई मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है और कीमोथेरेपी की तारीखें आगे बढ़ानी पड़ रही हैं।
उल्लेखनीय है कि विदर्भ समेत राज्य के कई हिस्सों से बड़ी संख्या में वैंâसर मरीज इलाज के लिए नागपुर मेडिकल पहुंचते हैं। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह अस्पताल बड़ी उम्मीद माना जाता है, लेकिन अब मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में कई जरूरी इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हैं और मरीजों को सिर्फ दवा जल्द उपलब्ध होगी, कहकर इंतजार कराया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सिस्प्लैटिन, कार्बोप्लैटिन, ट्रास्टुजुमैब, बेवेसिजुमैब और जी-सीएसएफ जैसे महत्वपूर्ण इंजेक्शन फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। कैंसर उपचार में इन दवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। तय समय पर डोज न मिलने से मरीजों की हालत बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। स्थिति इसलिए और गंभीर मानी जा रही है क्योंकि महात्मा फुले जनआरोग्य योजना के तहत इलाज करानेवाले मरीजों को बाहर से दवा खरीदने की अनुमति नहीं है।
