स्थानीय निवासी ने की थी टेररिस्ट की मदद
पहलगाम आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी की चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया कि महज ३,००० रुपए के लालच में आतंकियों को मदद पहुंचाई गई और उसी साजिश ने २६ बेगुनाह लोगों की जान ले ली। चार्जशीट के मुताबिक हमले की तैयारी, ठिकाने और मददगारों का पूरा नेटवर्क पहले से सक्रिय था। इस खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर कुछ पैसों के लिए इंसानियत का इतना बड़ा कत्ल कैसे कर दिया गया।
बता दें कि हमले से पहले आतंकियों को पनाह देने वाले आरोपी बशीर ने बताया कि करीब शाम ४ बजे वह हिल पार्क के पास जंगल में अपने घोड़ों को देखने गया था। तभी उसने देखा कि तीन हथियारबंद लोग पेड़ों के पीछे से बाहर आए। उनके हथियार साफ दिखाई दे रहे थे। वे उर्दू बोल रहे थे, जिसमें पंजाबी लहजा था। बशीर अहमद ने कहा कि उसी वक्त उसे समझ आ गया था कि ये मुजाहिद यानी आतंकवादी हैं। इसके बावजूद वह उन्हें अपने भतीजे और आरोपी परवेज अहमद के मौसमी ठिकाने (ढोक) तक ले गया, जो हिल पार्क में स्थित था।
चाय-पानी दिया, पता भी बताया
परवेज ने आतंकियों को चाय और पानी दिया। हथियारबंद लोगों ने कहा कि उनके बैग और पाउच कंबलों में छिपा दिए जाएं। इसके बाद आतंकियों के लिए खाना बनाया गया। उन्हें चावल और कच्चे टमाटरों की सब्जी खिलाई गई। आगे के सफर के लिए रोटियां बनाकर पैक की गईं। इसी की साथ ही उसने आतंकियों को आगे का रास्ता भी बताया।
