मुख्यपृष्ठस्तंभमुस्लिम वर्ल्ड: देश को तोड़ने की इच्छा कब्र में ले जाएंगे!

मुस्लिम वर्ल्ड: देश को तोड़ने की इच्छा कब्र में ले जाएंगे!

राष्ट्रपति के इस्तीफे की खबरों पर बोला ईरान

सूफी खान

ईरान के प्रेसिडेंट डॉक्टर मसूद पजेश्कियान से जुड़ी एक खबर आग की तरह पैâली, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति ने सुप्रीम लीडर के ऑफिस को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया कि मौजूदा हालात में पजेश्कियान बेहतर ढंग से शासन करने या अपनी कानूनी जिम्मेदारियों को पूरा करने में असमर्थ हैं।
इस खबर को पश्चिमी मीडिया ने हाथों-हाथ लिया और इसे ईरान में अंदरूनी तनाव से जोड़कर पेश किया जाने लगा। लेकिन इसके बाद ईरान का प्रेसिडेंट ऑफिस तुरंत हरकत में आया। ईरान सरकार ने साफ किया कि एक विदेशी नेटवर्क की ओर से अफवाहें पैâलाना पिछली मीडिया चालों की ही एक और कड़ी है। उन्होंने वास्तविकता की जगह अपने मनगढ़ंत विचार को ही सामने रखा है। ईरान सरकार ने साफ कर दिया कि प्रेसिडेंट पेजेश्कियान लोगों की सेवा करने से पीछे नहीं हटेंगे। ईरान की इनफॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्ट्री ने एक बेहद ही सख्त बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि ‘ईरान के लिए ऐसा झूठा प्रचार करने वाले लोग ईरान की एकता को तोड़ने की अपनी इच्छा को अपने साथ कब्र में ले जाएंगे।’
दरअसल, खुद को ईरान से जुड़ा बताने वाले न्यूज पेज में दावा किया गया था कि पेजेश्कियान ने अपने लेटर में कहा है कि उनके प्रशासन को ईरान में बड़े पैâसले लेने की प्रक्रियाओं से बाहर रखा गया है, जबकि इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के लोगों ने पूरी सरकार पर कंट्रोल कर लिया है।
गौरतलब है कि जंग के दौरान ईरानी समाज एकजुट रहा है। जिसकी वजह से वहां बगावत करवाने की चाल बुरी तरह नाकाम रही। ऐसे में पजेश्कियान के इस्तीफे की खबरों पर ईरान की सरकार ने साफ कह दिया है कि बेबुनियाद चीजों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। ईरान में सुप्रीम लीडर और चुनी हुई सरकार दोनों अलग-अलग होते हैं और सरकार सुप्रीम लीडर से अलग सोच भी रख सकती है। लेकिन देश का एकता और जंग जैसे मुद्दों पर इस्लामिक रेवोल्यूशन और सरकार में भरपूर कॉर्डिनेशन दिखा है। ईरान का आरोप है कि इसी वजह से झूठा नेरेटिव सेट करने की कोशिश की जा रही है, जो दुश्मन देशों की एजेंसियां आम तौर पर करती हैं। वहीं अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप ने फिर कहा है कि हम एक बहुत अच्छे समझौते के करीब हैं। अगर आप जल्दबाजी करेंगे तो आपको बेहतर समझौता नहीं मिल पाएगा और धीरे-धीरे, लेकिन निश्चित रूप से हमें वह मिल रहा है जो हम चाहते हैं।
एक्सपर्ट कहते हैं कि इजरायल ईरान और अमेरिका के बीच समझौते के पॉजिटिव सिग्नल से खफा है इसलिए इस बीच वो फिर कुछ ऐसा करने की कोशिश कर सकता है, जिससे जंग के हालात बन जाएं। अब देखना होगा कि ट्रंप पीएम नेतन्याहू को किस हद तक काबू में रख पाते हैं।

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