-सुरक्षा नियमों की उड़ार्इं धज्जियां, दो कंपनी अधिकारियों पर मामला दर्ज
जेदवी / मुंबई
मुंबई में बिना अनुमति के ड्रोन को उड़ाना बैन है। ऐसा सुरक्षा कारणों से किया गया है। मगर रविवार की रात बांद्रा में उस वक्त हलचल मच गई, जब एक साथ सैकड़ों ड्रोन हवा में मंडराने लगे। सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील इलाका होने के कारण शिकायत मिलते ही पुलिस महकमा तुरंत एक्टिव हो गया।
मामले की जांच में पता चला कि एक विज्ञापन फिल्म की शूटिंग के नाम पर ये ड्रोन उड़ाए गए थे और इसके लिए कोई आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। इससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। बाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई महंगे ड्रोन और तकनीकी उपकरण जब्त किए। जानकारी के अनुसार, बांद्रा पुलिस की डिटेक्शन टीम को इसकी सूचना मिली थी। पुलिस ने वहां पहुंचकर तत्काल ड्रोन संचालन बंद करवाया और कार्यक्रम की निगरानी कर रहे व्यक्ति से पूछताछ शुरू की।
नहीं ली अनुमति
जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी के अधिकारी सुनील गुप्ता को विभिन्न विभागों से अनुमति लेने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन अनिवार्य स्वीकृतियां प्राप्त किए बिना ही ड्रोन संचालन शुरू कर दिया गया।
विज्ञापन फिल्म की शूटिंग
ड्रोन उड़ानेवाले की पहचान ४५ वर्षीय गोपाल नारायण सिंह के रूप में हुई। वह दक्षिणी दिल्ली के संगम विहार का रहनेवाला है। उसने बताया कि वह दिल्ली की एक मार्वेâटिंग कंपनी में प्रबंधक है और विज्ञापन फिल्म की शूटिंग के लिए उक्त ड्रोन शो आयोजित किया गया था। लेकिन जब पुलिस ने विमानन विभाग और मुंबई पुलिस आयुक्तालय से प्राप्त आवश्यक अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे तो वह कोई वैध मंजूरी प्रस्तुत नहीं कर सका।
पुलिस की गिरफ्त में सैकड़ों ड्रोन!
बांद्रा के आसमान में उड़ रहे सैकड़ों ड्रोन की खबर मिलते ही पुलिस के होश उड़ गए। बाद में पुलिस ने मौके से कैमरों से लैस कई अत्याधुनिक ड्रोन जब्त किए हैं, जिनकी कीमत लगभग ८० हजार रुपए प्रति ड्रोन बताई जा रही है। साथ ही ड्रोन संचालन में उपयोग किया जा रहा लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
जोन-९ के पुलिस उपायुक्त डॉ. मोहित गर्ग ने पुष्टि की है कि गोपाल नारायण सिंह और सुनील गुप्ता के खिलाफ वैधानिक आदेशों की अवहेलना तथा सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज कर नोटिस जारी किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने पहले भी कहीं इसी प्रकार का अवैध ड्रोन तो उड़ाए नहीं थे?
