सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य की ८० लाख महिलाओं को लाडली बहन योजना से अपात्र घोषित किए जाने के मुद्दे पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता और सांसद संजय राऊत ने सत्ताधारी पक्ष पर जोरदार हमला बोलते हुए मांग की है कि इस मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और दोनों उप मुख्यमंत्रियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। शिर्डी दौरे के दौरान पत्रकार परिषद में बोलते हुए उन्होंने महायुति सरकार के कामकाज पर भी तीखा प्रहार किया।
संजय राऊत ने कहा, ‘जिस तरह विधानसभा चुनाव में लोगों से वोट हासिल किए गए, वह भ्रष्टाचार है। करीब एक करोड़ अपात्र महिला लाभार्थियों को ‘लाडली बहन योजना’ के तहत किस तरह पैसे बांटे गए, यह अब सामने आ चुका है। आपने अवैध तरीके से इन पैसों की हेराफेरी की। यह सरकारी खजाने का खुला दुरुपयोग है।’ उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इस योजना को इस तरीके से लागू किया, उनके खिलाफ आर्थिक धोखाधड़ी का मामला दर्ज होना चाहिए। बैंक में ५०० रुपए की भी गड़बड़ी हो जाए तो संबंधित अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया जाता है। एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार ने जनता के खजाने का दुरुपयोग करके अपात्र महिलाओं को पैसे दिए और वोट खरीदने का काम किया इसलिए यह चुनाव ही रद्द होना चाहिए। संजय राऊत ने कहा कि ८० लाख से अधिक अपात्र महिलाओं को सरकारी खजाने से पैसे दिए गए, यह साबित हो चुका है।
तीनों नेताओं से वसूलो रकम
इन तीनों दलों की संपत्ति जब्त करके करीब १७ हजार ५४० करोड़ रुपए इन तीनों प्रमुख नेताओं से वसूल किए जाने चाहिए। यह जनता का पैसा है, आपकी जेब का पैसा नहीं। यह पैसा आपकी खेती या निजी संपत्तियां बेचकर नहीं आया था। आपने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए यह पैसा बांटा। इसलिए यह चुनाव ही रद्द किया जाना चाहिए।
इस मामले में इस त्रिमूर्ति के खिलाफ सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला दर्ज किया जाना जरूरी है, लेकिन यह मोदी युग है। यदि मोदी युग में यह मामला दर्ज होता है तो हम उसका स्वागत करेंगे।
