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यूपी के 15 लाख युवाओं के गले में TAT का फंदा

-क्वालिटी शिक्षा के नाम पर योगी सरकार का ढोंग

डॉ मंगलेश्वर त्रिपाठी / लखनऊ

योगी सरकार में शिक्षक भर्ती को जानबूझकर उलझाया जा रहा है। गुजरात और महाराष्ट्र का हवाला देकर TET/CTET पास 15 लाख युवाओं पर TAT यानी Teacher Aptitude Test का नया बोझ लादने की साजिश रची जा रही है। यह सीधे-सीधे 2027 चुनाव से पहले युवाओं को ठगने की तैयारी है। B.Ed/D.El.Ed करके TET/CTET पास कर चुके अभ्यर्थियों से अब फिर TAT मांगा जा रहा है। दोनों परीक्षाओं का सिलेबस 80% एक जैसा है। यह “एक योग्यता के लिए दो बार अग्निपरीक्षा” नहीं, बल्कि बेरोजगारों से वसूली और भर्ती को लटकाने का सरकारी हथकंडा है। TAT के नाम पर 3 साल भर्ती लटकेगी और 1.26 लाख पद खाली रहेंगे। स्कूलों में बच्चे बिना टीचर पढ़ेंगे, पर सरकार को “क्वालिटी” का ढोंग करना है।
50 साल के शिक्षकों से खिलवाड़
सरकार की क्रूरता देखिए कि 2012 से पहले नियुक्त हजारों शिक्षकों से अब प्रमोशन के लिए TAT मांगा जा रहा है। जिस शिक्षक ने 20 साल पढ़ाया, उसे 50 की उम्र में फिर परीक्षा देने को कहा जा रहा है। यह सम्मान है या अपमान? यह साफ दिखाता है कि सरकार पुराने शिक्षकों को जबरन बाहर करना चाहती है।
संविधान को ठेंगा दिखाना
एक ही काम के लिए दो समान परीक्षाएं अनुच्छेद 14 का खुला उल्लंघन है। RTE का मकसद बच्चों को शिक्षक देना था, न कि भर्ती को मकड़जाल बनाना। सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में राज्यों को छूट देकर तकनीकी पेंच फंसा दिया, पर “दोहरे बोझ” पर आंख मूंद ली। इसका खामियाजा यूपी का युवा भुगत रहा है।
योगी सरकार की दोमुंही नीति
2027 से पहले 1.7 लाख भर्ती का वादा करने वाली योगी सरकार अब “गुजरात मॉडल” के नाम पर TAT का जाल बिछा रही है। असलियत यह है कि सरकार न भर्ती करना चाहती है, न वेतन देना चाहती है। TAT का बहाना बनाकर भर्ती को 2027 के बाद धकेला जा रहा है। बीजेपी को डर है कि 15 लाख TET पास युवा नाराज हो गए तो सत्ता गई। इसलिए “गुणवत्ता बनाम संख्या” का ड्रामा किया जा रहा है।
कैबिनेट से कानून नहीं, धोखा मिलेगा
अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि TET को अंतिम माना जाए, 2012 से पहले वालों को छूट मिले, भर्ती समयबद्ध हो। पर सरकार कान में तेल डाले बैठी है। शिक्षामित्र नेता राम कुमार वर्मा ने चेताया, “TAT थोपा तो 2027 में युवा हिसाब करेगा।”
सच यह है कि TAT योग्यता का पैमाना नहीं, बेरोजगारों को उलझाने का फंदा है। योगी सरकार अगर कैबिनेट से TAT को अनिवार्य करती है तो यह 15 लाख परिवारों के साथ धोखा होगा। 2027 का रास्ता क्लासरूम से जाता है, और क्लासरूम में आज ताला लगा है।

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