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मुस्लिम वर्ल्ड : ईरान के ‘रहबर’ का जनाजा कब?.. जंग के तनाव के बीच आ गई बड़ी खबर

सूफी खान

ईरान में रहबर-ए-मुअज्जम कहे जाने वाले, ग्रेंड अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई की तदफीन यानी उन्हें सुपुर्द-ए -खाक करने का एलान हो गया है। ईरान के शहर मशहद में उनका अंतिम संस्कार होगा।
खास बात यह है कि ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर इमाम अयातुल्लाह अली खामेनेई का जनाजा सिर्फ मशहद ही नहीं बल्कि तीन शहरों में पहुंचेगा। ईरान का मीडिया बता रहा है कि खामेनेई का जनाजा तेहरान, कुम और फिर मशहद पहुंचेगा। इस पूरे प्रोग्राम में दुनियाभर से करीब २० मिलियन लोगों के आने की संभावना है, जिनकी सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारी ईरान में चल रही है।
मशहद सिटी ईरान और दुनियाभर के शिया समुदाय के लिए बेहद खास है क्यों यहां ८वें इमाम और पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के वंशज इमाम रजा का श्राइन है। अयातुल्लाह अली खामेनेई का अंतिम संस्कार ईरान में ऐसे वक्त में किया जा सकता है, जब ईरान-अमेरिका बातचीत अपने निर्णायक मोड़ पर है और इसके फेल होने पर प्रेसिडेंट ट्रंप ईरान से निपटने की धमकी भी दे रहे हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि १७ जून से शुरू होने जा रहे इस्लामिक महीने मोहर्रम की १० तारीख यानी आशूरा के बाद अयातुल्लाह खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किया जा सकता है।
अयातुल्लाह अली खामेनेई सिर्फ ईरान के इस्लामिक रेव्ल्यूशन के सुप्रीम लीडर नहीं थे बल्कि वो दुनियाभर में मुसलमानों के एक बड़े तबके के आध्यात्मिक मार्गदर्शक भी थे। २८ फरवरी २०२६ को इजरायल ने तेहरान में एक हमले में उनकी हत्या कर दी थी। इससे पहले भी मार्च में अयातुल्लाह अली खामेनेई की तदफीन यानी अंतिम संस्कार की घोषणा की गई थी, लेकिन उस वक्त ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच युद्ध जारी था। मिसाइलें और बम गिर रहे थे, ऐसे में आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रोग्राम स्थगित कर दिया गया था। इसी तरह डेढ़ साल पहले लेबनान में हिजबुल्ला के चीफ रहे सैयद हसन नसरुल्लाह का भी अंतिम संस्कार उनकी मौत के कई महीनों बाद इजरायल के साथ सीजफायर होने पर किया गया था। तब तक उनके शव को सुरक्षित करके रखा गया था।
तेहरान के सांस्कृतिक और सामाजिक मामलों के उप महापौर मोहम्मद अमीन तवाकोली-जादेह ने कहा कि ‘शहीद इमाम’ की विदाई, अंतिम संस्कार और अंतिम संस्कार के प्रोग्राम को अंतिम रूप दिया जा रहा है और इसमें तेहरान, कुम और मशहद में तीन दिनों के सार्वजनिक समारोह और जुलूस शामिल होंगे।
इमाम खामेनेई के अंतिम संस्कार का प्रोग्राम २४ घंटे तक चलेगा और मशहद में उन्हें इमाम खुमैनी के करीब और इमाम रजा की समाधि के उत्तर में दफनाया जाएगा। मशहद शहर की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि वहां लाखों लोग इकट्ठा हो भी जाएं तब भी शहर उन्हें संभाल लेगा। दुनियाभर के मुसलमानों की एक बड़ी तादाद लिए इमाम खामेनेई क्या थे, ये ईरान की सरकार भी जानती है इसलिए उनकी आखिरी रस्म भी उसी सम्मान के साथ अदा की जाएगी।

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