-दहिसर में सैकड़ों जानों पर आफत
-बिना सुरक्षा घेरे के कर रहे धमाके
-लोगों के घरों में आर्इं दरारें, टूटे शीशे
द्रुप्ति झा / मुंबई
दहिसर (पूर्व) इलाके में पांडुरंगवाड़ी मेट्रो स्टेशन निर्माण कार्य के दौरान बार-बार किए जा रहे धमाके के चलते आस पास के लोग आतंकित हो गए हैं। अब लोग वहां चल रहे निर्माण कार्य से अपनी जान को खतरा बता रहे हैं। प्रशासन की इस घोर लापरवाही ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, दहिसर में चल रहे एक मेट्रो कार्य के लिए भारी धमाका (विस्फोट) किया गया। इस धमाके की तीव्रता इतनी भयानक थी कि आसपास का पूरा इलाका धुएं के गुबार और उड़ते पत्थरों की चपेट में आ गया।
खिड़कियों के टूटे कांच
क्षतिग्रस्त मधुबन सोसाइटी के अध्यक्ष महादेव गोदलेकर ने कहा कि ब्लास्ट इतना जोरदार था कि खिड़कियों के कांच हिल गए और घरों की दीवारों में दरारें आ गर्इं। हैवी मशीनों का इस्तेमाल करने से हमारी सोसाइटी के लोग परेशान हो चुके हैं। दिनभर में १० से १२ धमाके किए जा रहे हैं। हम सभी दो महीने से परेशान हैं। पुलिस, मनपा और मंत्रालय में भी शिकायती पत्र दिया, लेकिन इसके बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है।
जान जोखिम में
एक अन्य रहिवासी प्रकाश पुजारी ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन रिहायशी इलाके के इतने करीब इस तरह का खतरनाक विस्फोट लोगों की जान को जोखिम में डालने जैसा है। साथ ही उन्होंने सुरक्षा नियमों को ताक पर रख कर विकास कार्य करने का आरोप लगाया।
प्रशासन की चुप्पी
खबर लिखे जाने तक इस मामले में संबंधित विकास प्राधिकरण या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक जिम्मेदाराना बयान सामने नहीं आया है। नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते इस तरह के लापरवाह ब्लास्ट करने पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
