-ईवीएम घोटाले के सबूत मिटाने के लिए मशीनें जलाईं!
-नाना पटोले का गंभीर आरोप
सामना संवाददाता / मुंबई
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने भाजपा और केंद्र की मोदी सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा देश में ‘न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी’ की नीति पर काम कर रही है और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए बड़े स्तर पर चुनावी प्रबंधन और कथित हेराफेरी की गई।
नाना पटोले ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग से लेकर पूरी चुनावी प्रक्रिया को भाजपा के पक्ष में मोड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि ईवीएम मशीनों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और फेरबदल किए जाने के आरोप अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुके हैं। पटोले का दावा है कि जैसे ही यह मामला अदालत में पहुंचा और कथित अनियमितताओं के उजागर होने की आशंका बढ़ी, भाजपा सरकार ने सबूत मिटाने के लिए ईवीएम मशीनों को ही जलवा दिया। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर सीधा हमला है। पटोले के मुताबिक, भाजपा ने पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक मूल्यों का गला घोंटने का काम किया है और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पटोले ने कहा कि पंढरपुर में राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक रोहित पवार द्वारा किसानों की बिना शर्त कर्जमाफी की मांग को लेकर चलाए जा रहे अन्नत्याग आंदोलन को कांग्रेस का पूरा समर्थन है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र की भाजपा समर्थित सरकारें किसानों की समस्याओं को लेकर संवेदनहीन बनी हुई हैं, जबकि किसान कर्ज, प्राकृतिक आपदाओं और आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। पटोले ने कहा कि २०१६ में तत्कालीन फडणवीस सरकार द्वारा घोषित कर्जमाफी योजना किसानों के साथ छलावा साबित हुई।
