सुरेश गोलानी / मुंबई
-महायुति राज में नहीं थम रही अपराधियों की अवैध घर वापसी
-आरोपी को छह महीने के लिए ठाणे, पालघर, नासिक, बृहन्मुंबई और मुंबई उपनगर समेत कई जिलों से तड़ीपार किया गया था। इसके बावजूद वह उत्तन के कुंभारवाड़ा इलाके में घूमता मिला। पुलिस को आशंका है कि वह किसी नए अपराध को अंजाम देने की मंशा से इलाके में लौटा था।
एक दौर ऐसा था जब अपराधी को ‘तड़ीपारी’ की सजा मिलती तो वह हमेशा के लिए शहर / जिला छोड़ देता या फिर सालों तक वहां नजर नहीं आता। लेकिन महायुति सरकार के राज में निष्कासन (तड़ीपारी) करने की कार्रवाई का मीरा-भायंदर के गुंडों और बदमाशों पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है। ऐसे में तड़ीपार बदमाशों का बेखौफ होकर तड़ीपारी आदेशों का उल्लंघन कर घर वापसी करने का सिलसिला लगातार जारी है। ताजा मामले में क्राइम डिटेक्शन यूनिट से जुड़े पुलिसकर्मियों ने एक और कुख्यात गुंडे को अवैध रूप से तड़ीपारी आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में उत्तन इलाके से गिरफ्तार किया है। गुंडे की पहचान ४८ वर्षीय कुरेशी के रूप मे हुई है जिसे उसके आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण ६ महीनों के लिए ठाणे, पालघर, नासिक, बृहन्मुंबई और और मुंबई (उपनगरीय) क्षेत्रों में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। पुलिस के अनुसार, कुरेशी के खिलाफ नया नगर पुलिस थाने में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस उपायुक्त (जोन १) ने महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, १९५१ की धारा ५६(१) (अ) (ब) के तहत कुरेशी के खिलाफ ३० मार्च २०२६ को तड़ीपारी के आदेश पारित किए थे। इलाके में हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की कॉम्बिंग गश्त के दौरान वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुभाषचंद्र मारकड़ और उनकी टीम को कुरेशी के उत्तन स्थित कुंभारवाड़ा इलाके में मौजूद होने की जानकारी प्राप्त हुई।
टीम ने जाल बिछाकर कुरेशी को हिरासत में लिया और निष्कासन आदेशों की वैधता की विधिवत पुष्टि करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कुरेशी के खिलाफ उत्तन सागरी पुलिस थाने में महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम-१९५१ की धारा १४२ (प्रतिबंधित क्षेत्र से बिना अनुमति प्रवेश) के तहत एक अतिरिक्त अपराध दर्ज कर लिया गया है। पुलिस को संदेह है कि तड़ीपारी आदेशों का उल्लंघन कर आरोपी किसी अपराध को अंजाम देने के उद्देश्य से भायंदर इलाके में आया था। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ महीनों में मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस ने एक दर्जन से ज्यादा तड़ीपारों को आदेशों का उल्लंघन करके शहर की सीमा में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। ज्यादातर मामलों में तड़ीपार गुंडे आदेश पारित होने के कुछ ही दिनों बाद शहर में ही नजर आने लगते हैं, क्योंकि ऐसे असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने की पुलिस के पास कोई उचित व्यवस्था या तंत्र उपलब्ध नहीं है।
कुछ दिन की तड़ीपारी, फिर शहर में हाजिरी!
मीरा-भायंदर, वसई-विरार क्षेत्र में तड़ीपारी के आदेश अपराधियों के लिए बेअसर साबित हो रहे हैं। निष्कासित किए जाने के कुछ ही दिनों बाद कई बदमाश दोबारा इलाके में सक्रिय पाए जा रहे हैं। पिछले महीनों में एक दर्जन से ज्यादा तड़ीपार गुंडे पकड़े जा चुके हैं, जिससे पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
