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हवाई सुरक्षा से खिलवाड़ … क्या चोरी के तेल से उड़ रहे हैं ‘चार्टर’?

एटीएफ चुरानेवाले गिरोह की धरपकड़ के बाद बढ़ी आशंका
– रु. १.३१ करोड़ का एविएशन फ्यूल बरामद

फिरोज खान / मुंबई
आए दिन चॉपर और छोटे चार्टर विमान में तकनीकी खराबी या उनके व्रैâश होने की खबरें आती रहती हैं। कहीं ऐसा चोरी के मिलावटी एटीएफ तेल के इस्तेमाल के कारण तो नहीं होता? यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में एक ऐसा गैंग धराया है, जो चोरी के एटीएफ बेचता था। एटीएफ यानी एविएशन टरबाइन फ्यूल। यह एक उच्च श्रेणी का पेट्रोल होता है, जो सिर्फ विमानों में इस्तेमाल होता है। जांच में पता चला है कि यह गिरोह चोरी का एटीएफ बिना लाइसेंस वाले प्राइवेट चार्टर, हेलिकॉप्टर सर्विस, ट्रेनिंग एकेडमी आदि को सप्लाई करता था।

सस्ते माल की डिमांड ज्यादा
ऑफिशियल एविएशन टर्बाइन फ्यूल महंगा होने के साथ इसे खरीदने के लिए पेपरवर्क भी ज्यादा करना होता है। ऐसे में चोरी के सस्ते माल की डिमांड ज्यादा रहती है। दो दिन पहले मुंबई के समुद्र में लो सल्फर फ्यूल ऑयल की स्मगलिंग कर विदेशी जहाजों को बेचने का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया था।

चॉपर और विमान हो सकते हैं क्रैश
आधे दाम पर मिलावटी
एटीएफ बेच रहा था गिरोह!

समंदर में डीजल की तस्करी तो आम बात हो गई है। हाल ही में एक गिरोह पकड़ा गया था। अभी इसकी जांच चल ही रही है कि एक और हैरतअंगेज मामला सामने आया है। एक गिरोह चोरी के एटीएफ के खेल को बड़ी चालाकी से अंजाम दे रहा था। यह खेल इतना डेंजरस था कि हवाई सुरक्षा कभी भी खतरे में पड़ सकती थी। यह गिरोह एविएशन टर्बाइन फ्यूल की चोरी कर उसमें मिलावट कर उसे आधे दाम पर बेचता था।
बता दें कि ये मिलावटी फ्यूल अगर प्लेन या हेलिकॉप्टर में चला जाए तो व्रैâश होने की संभावना ज्यादा होती है। इसके अलावा इस फ्यूल को ब्लैक मार्वेâट में भी बेचा जाता था। इसका खुलासा तब हुआ जब फूड, सिविल सप्लाइज और कंज्यूमर प्रोटेक्शन डिपार्टमेंट की विजिलेंस टीम ने वडाला में रेड मारकर एटीएफ चोरी के एक रैकेट का भंडाफोड़ किया। इस ऑपरेशन में करीब १ करोड़ ३१ लाख रुपए का फ्यूल जब्त किया गया। एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। फूड, सिविल सप्लाइज डिपार्टमेंट के राशन डिस्ट्रीब्यूशन कंट्रोलर चंद्रकांत डांगे के गाइडेंस में विजिलेंस टीम ने मंगलवार को वडाला इलाके में रेड की। ऑपरेशन के दौरान पता चला कि दो फ्यूल टैंकरों की सील टूटी हुई थी और उन्हें प्लास्टिक के वैâन में भरकर फ्यूल चुराया जा रहा था। कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से जमा किए गए २९,००० लीटर एटीएफ, १४,००० लीटर डीजल और १०,००० लीटर पेट्रोल का जखीरा पकड़ा है। पेंट, केमिकल, रबर, प्लास्टिक कंपनियों में इसकी खासी डिमांड है। मार्वेâट रेट से ४०-५० प्रतिशत सस्ता मिल जाए तो पैâक्ट्री वाले आंख बंद करके लेते हैं। ग्रीस, पेंट, चिपचिपा माल साफ करने के भी काम आता है।
जीपीएस से छेड़छाड़
जांच में पता चला कि गिरोह जीपीएस से छेड़छाड़ करते थे और तेल कंपनियों के टैंकरों में लगे ट्रैकिंग सिस्टम और ऑटो-लॉक को चकमा देने के लिए ये लोग डुप्लिकेट मैग्नेटिक चाबियों का इस्तेमाल करते थे। टैंकर चालक और क्लीनर कुछ समय के लिए जीपीएस बंद कर पाइपलाइन और टैंकरों से मुख्य डिपो या रास्ते में ईंधन को अवैध रूप से ड्रमों में खाली कर देते थे। चुराए गए महंगे एविएशन फ्यूल और पेट्रोल-डीजल को मिलावट कर खुले बाजार में कम दामों में बेचकर अवैध मुनाफा कमाने का धंधा करते थे।

 

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