मुख्यपृष्ठनए समाचारविक्रोली में नाला जाम बढ़ा बाढ़ का खतरा!

विक्रोली में नाला जाम बढ़ा बाढ़ का खतरा!

– विकास कार्य और नाला सफाई अभी अधूरी

द्रुप्ति झा / मुंबई

मनपा मानसून से निपटने और शहर के बुनियादी ढांचे को सुधारने के जितने भी बड़े-बड़े दावे कर ले, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी जस की तस बनी हुई है। १७ जून को मुंबई के उप महापौर संजय घाडी द्वारा विक्रोली इलाके के औचक निरीक्षण के दौरान मनपा के कामकाज की कई गंभीर खामियां और विफलताएं खुलकर सामने आर्इं।
अधूरे पड़े हैं सड़क के काम, नागरिकों में भारी असंतोष
निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि विक्रोली के साईनगर में सड़क का काम अभी भी अधूरा और कछुआ गति से चल रहा है। मानसून सिर पर होने के बावजूद काम पूरा न होने के कारण उप महापौर को मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगानी पड़ी और सड़क को जल्द से जल्द कंक्रीट का बनाकर सौंपने का निर्देश देना पड़ा। इतना ही नहीं, विघ्नहर स्लम पुनर्वास परियोजना के स्थानीय निवासियों ने उप महापौर को घेरकर अपनी समस्याओं का अंबार लगा दिया। निवासियों ने शिकायत की कि उन्हें बुनियादी सड़क सुविधा तक नसीब नहीं है, इलाके में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और खाली जगहों पर गंदगी का अंबार है।
नालों में भारी मात्रा में मलबा और तैरता हुआ कचरा जमा मिला, जिससे पानी का बहाव रुका हुआ है। सिद्धिविनायक मंदिर, जैन मंदिर और बुरहानी बालवाड़ी जैसे धार्मिक व सार्वजनिक स्थलों के पास बने कलेक्शन पॉइंट्स पर कचरे का ढेर लगा हुआ था। कचरा प्रबंधन की इस सुस्ती को देखते हुए उप महापौर को मजबूरी में दिन में दो बार (सुबह और रात) कचरा हटाने का आपातकालीन आदेश देना पड़ा।

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