मुख्यपृष्ठसमाचारगैंगरेप की पुष्टि के बाद भी दर्ज नहीं हुई एफआईआर!

गैंगरेप की पुष्टि के बाद भी दर्ज नहीं हुई एफआईआर!

-बेगूसराय की `निर्भया’ न्याय को तरसी

-३ दिन तक तमाशा देखती रही पुलिस

-बिहार पुलिस की बेरुखी पर फूटा लोगों का गुस्सा

-युवती के साथ पांच दिंरदों ने बारी-बारी किया था बलात्कार

बिहार के बेगूसराय जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने दिल्ली के निर्भया कांड की भयावह यादें ताजा कर दी हैं। आरोप है कि पांच दरिंदों ने एक महिला को अपनी हवस का शिकार बनाया और गैंगरेप के बाद उसके साथ ऐसी हैवानियत की, जिसे सुनकर रूह कांप जाए। पीड़िता के परिजनों के मुताबिक, आरोपियों ने गैंगरेप के बाद महिला के प्राइवेट पार्ट में कारतूस और लकड़ी का टुकड़ा डाल दिया। लेकिन इससे भी बड़ा सवाल बिहार पुलिस की भूमिका पर उठ रहा है। आरोप है कि पीड़ित परिवार तीन दिन तक थाने के चक्कर काटता रहा, लेकिन पुलिस ने गैंगरेप की एफआईआर दर्ज नहीं की। जब मेडिकल जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए, तब पुलिस हरकत में आई। सबसे गंभीर आरोप यह है कि १३ जून को मेडिकल रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टि होने के बावजूद पुलिस ने केवल मारपीट का मामला दर्ज किया। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें लगातार टरकाया गया और शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।
बता दें कि चकिया थाना क्षेत्र में ११ जून की रात महिला शौच के लिए घर से बाहर निकली थी। आरोप है कि पहले से घात लगाए बैठे पांच युवकों ने उसे दबोच लिया, साड़ी से उसका मुंह बांध दिया और बारी-बारी से गैंगरेप किया। परिजनों का दावा है कि वारदात के बाद आरोपियों ने अमानवीय क्रूरता दिखाते हुए उसके शरीर के साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। घटना के अगले दिन महिला की तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। दर्द लगातार बढ़ता रहा। बाद में दोबारा जांच के दौरान डॉक्टरों को महिला के प्राइवेट पार्ट से कारतूस और लकड़ी का टुकड़ा मिला। इस खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। १७ जून को जब मेडिकल जांच में कारतूस और लकड़ी मिलने की बात सामने आई, तब जाकर पुलिस ने गैंगरेप की धाराएं जोड़कर मामला दर्ज किया। इसके बाद एसपी और डीएसपी खुद अस्पताल पहुंचकर पीड़िता से मिले।
छेड़खानी का विरोध करने पर काटा युवक का गला!
उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में गाजियाबाद के सूर्या मर्डर केस जैसी घटना हुई है। बकौल रिपोर्ट्स, छेड़खानी का विरोध करने वाले ३० वर्षीय आनंद नामक युवक की गुरुवार रात धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने शव सड़क पर रखकर हंगामा किया और फरार आरोपी नासिर के घर में आग लगा दी।
भाजपा राज में महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल
बेगूसराय की यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल बन गई है। एक तरफ पीड़िता अस्पताल में जिंदगी की लड़ाई लड़ रही है, दूसरी तरफ आरोपी अब भी फरार हैं। पूरे मामले ने बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड दी है।
३ महीने पहले भी हुई थी गैंगरेप की कोशिश
परिजनों का दावा है कि करीब तीन महीने पहले भी आरोपियों ने महिला के साथ छेड़छाड़ और गैंगरेप की कोशिश की थी। उस समय भी पुलिस को सूचना दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिवार का आरोप है कि पुलिस की कथित लापरवाही ने आरोपियों के हौसले बुलंद कर दिए।

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