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ह्यूमन सोशल केयर फाउंडेशन द्वारा मुंबई हेल्थ समिट 2026 में एनीमिया एवं कैंसर रोकथाम पर परिचर्चा संपन्न

सामना संवाददाता / मुंबई

भारत में एनीमिया और कैंसर के बढ़ते बोझ को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों, राजनयिकों, न्यायविदों, शिक्षाविदों तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने मुंबई हेल्थ समिट 2026 में एकत्र होकर प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं तथा कमजोर एवं वंचित वर्गों के लिए सुलभ स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता पर बल दिया। यह समिट ह्यूमन सोशल केयर फाउंडेशन (HSCF) द्वारा, जिसे संयुक्त राष्ट्र में विशेष परामर्शदात्री दर्जा प्राप्त है, मुंबई विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित की गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि एनीमिया भारत की सबसे गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार, 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 57 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से प्रभावित हैं। इसका प्रभाव केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, कार्यक्षमता, मातृ स्वास्थ्य तथा आने वाली पीढ़ियों के विकास पर भी पड़ता है। वक्ताओं ने कहा कि किशोरियों में नियमित रक्त जांच, पोषण संबंधी जागरूकता, समय पर चिकित्सकीय परामर्श और फॉलो-अप एनीमिया रोकथाम के सबसे प्रभावी उपायों में शामिल हैं।
समिट में देश-विदेश की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लिया। प्रमुख प्रतिभागियों में सुश्री सोफिया कोराक, पूर्व डिप्टी हेल्थ अटैची, यू.एस. मिशन, जिनेवा; महामहिम मुस्तफा केमालेत्तिन एरुयगुर, तुर्किये गणराज्य के मुंबई स्थित महावाणिज्यदूत; न्यायमूर्ति अभय थिप्से, पूर्व न्यायाधीश, बॉम्बे एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय; न्यायमूर्ति एम. ए. सईद, पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग; डॉ. फेरोज़ सिधवा, अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ट्रॉमा एवं क्रिटिकल केयर सर्जन; हैरॉल्ड डी’सूज़ा, सदस्य, यू.एस. एडवाइजरी काउंसिल ऑन ह्यूमन ट्रैफिकिंग; डेल्फिन गिडुकोस (फिलीपींस); डॉ. कृपानिधि नायक, एनीमिया विशेषज्ञ (लंदन); सुश्री चितोसे नाम्बोकू (जापान) तथा डॉ. अमित पारिख, सीईओ, क्रिटिकेयर एशिया हॉस्पिटल ग्रुप शामिल रहे। इसके अतिरिक्त ए. अली अज़ीज़ी (पूर्व निदेशक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र), पद्मश्री डॉ. आर्मिडा फर्नांडिस, डॉ. सुदेशना रे, डॉ. हितेश आर. सिंहवी, डॉ. श्रीनाथ क्षीरसागर, डॉ. सुषेन भट्ट तथा डॉ. आदिल पटेल सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।
समिट को संबोधित करते हुए डॉ. फैज़ान ए. अज़ीज़ी, संस्थापक एवं अध्यक्ष, ह्यूमन सोशल केयर फाउंडेशन तथा संयुक्त राष्ट्र में मुख्य प्रतिनिधि, ने कहा, “हर आंकड़े के पीछे एक इंसानी जीवन, एक परिवार और एक भविष्य जुड़ा होता है। एनीमिया और कैंसर केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक चुनौतियां भी हैं।”
समिट के दौरान मोबाइल हेल्थकेयर यूनिट का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य झुग्गी-बस्तियों, दूरदराज क्षेत्रों और वंचित समुदायों तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में ह्यूमन सोशल केयर फाउंडेशन और क्रिटिकेयर एशिया हॉस्पिटल ग्रुप के बीच सहयोग समझौता भी हुआ। इसके तहत स्कूल जाने वाली बालिकाओं के लिए एनीमिया जांच हेतु निःशुल्क रक्त जांच और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय ह्यूमन सोशल केयर फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा।
समिट में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि एनीमिया और कैंसर जैसी चुनौतियों का समाधान केवल सरकारों के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए स्वास्थ्य संस्थानों, नागरिक समाज, शैक्षणिक संस्थानों, नीति-निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के बीच प्रभावी सहयोग आवश्यक है।
समिट का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि निवारक स्वास्थ्य सेवाएं, सस्ती चिकित्सा, समय पर जांच और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक पहुंचाई जाएं। ह्यूमन सोशल केयर फाउंडेशन ने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने तथा संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के समर्थन हेतु अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। डॉ. ओमप्रकाश शर्मा, डॉ. रेहान शेख, इमरान खान, सुरेश यादव तथा सैयद खलील ने न केवल मुंबई हेल्थ समिट 2026 में सक्रिय रूप से भाग लिया, बल्कि आगे भी सहयोग देते रहने का आश्वासन दिया।

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