-उरई स्टेशन पर ट्रेन में बैठा मिला छात्र…अपने चचेरे भाई के पास जा रहा था मुंबई
राजेश सरकार / प्रयागराज
पिता की डांट से नाराज 10वीं कक्षा के एक छात्र ने अपने छोटे भाई के साथ मिलकर अपहरण की झूठी कहानी रची और अकेले ही ट्रेन पकड़कर मुंबई जाने के लिए निकल पड़ा। लेकिन कौंधियारा पुलिस की तत्परता, बेहतर सूचना तंत्र और कानपुर पुलिस के सहयोग से छात्र को उरई (जालौन) स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया गया। आवश्यक कार्रवाई के बाद कौंधियारा पुलिस ने शनिवार को छात्र को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस की सतर्कता से अपहरण की झूठी कहानी कुछ ही घंटों में उजागर हो गई। इस कार्रवाई की लोगों ने पुलिस की कार्यकुशलता की सराहना की। पुलिस ने छात्र की तलाश में करीब 40-45 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में छात्र अलग-अलग जगहों पर अकेले सफर करता हुआ दिखाई दिया, जिससे पुलिस को अपहरण की कहानी पर शक हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर छोटे भाई ने सच बता दिया कि बड़े भाई ने खुद मुंबई जाने की योजना बनाई थी। इसके बाद कौंधियारा पुलिस ने प्रयागराज, सुबेदारगंज और कानपुर जीआरपी के साथ मिलकर खोज अभियान चलाया। करीब नौ घंटे की तलाश के बाद छात्र को उरई स्टेशन पर मुंबई जा रही लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस से बरामद कर लिया गया। पूरा मामला कौंधियारा थाना क्षेत्र का है। क्षेत्र निवासी अंकित प्रताप सिंह एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक हैं। उनके चार बेटे विकास (16), आकाश (14), प्रकाश (10) और छोटा बाबू (5) हैं। पत्नी श्रद्धा की कुछ वर्ष पहले मौत हो चुकी है। सबसे बड़ा बेटा विकास कक्षा 10वीं और आकाश कक्षा 9वीं में पढ़ता है। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे दोनों भाई कोचिंग जाने के लिए कौंधियारा बाजार की ओर निकले थे। सुबह करीब आठ बजे छोटा बेटा आकाश अकेले घर लौटा और पिता को बताया कि स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने बड़े भाई विकास का अपहरण कर लिया है। इसके बाद अंकित प्रताप सिंह ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू करते हुए बाजार और आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान विकास सुबह करीब 11 बजे ई-रिक्शे से कौंधियारा थाना क्षेत्र के जारी बाजार जाता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद करीब 12 बजे वह कौंधियारा बस अड्डे से प्रयागराज सिटी की ओर जाने वाली निजी बस में बैठता नजर आया। पुलिस को शक हुआ कि यदि विकास का अपहरण हुआ था तो वह अलग-अलग जगहों पर अकेले कैसे दिखाई दे रहा है। इसके बाद पुलिस ने छोटे भाई आकाश से दोबारा पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने बताया कि विकास का अपहरण नहीं हुआ है, बल्कि वह मुंबई जाने के लिए घर से निकला है और अपहरण की झूठी कहानी बनाई गई है। इसके बाद पुलिस ने प्रयागराज स्टेशन रोड और रेलवे स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज की जांच की। फुटेज में विकास प्रयागराज जंक्शन पर बैठा दिखाई दिया। मुंबई जाने वाली ट्रेनों की जानकारी लेने पर पता चला कि सुबेदारगंज से लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस जा रही है। रेलवे पुलिस से संपर्क करने पर पता चला कि विकास दोपहर करीब 1.15 बजे लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस (01074) में बैठा था। पुलिस ने तत्काल कानपुर जीआरपी को सूचना देकर फोटो भेजी। कानपुर पुलिस ने टीम गठित कर तलाश शुरू की और ट्रेन की लोकेशन लगातार ट्रेस करती रही। शाम करीब साढ़े छह बजे छात्र को जालौन के उरई स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया गया। शनिवार दोपहर उरई जीआरपी छात्र को कौंधियारा थाने लेकर पहुंची, जहां परिजनों को बुलाकर उसे सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया गया। डीसीपी विवेक चंद्र यादव ने बताया कि छात्र का इरादा गलत नहीं था। उसने केवल मुंबई जाने के लिए यह अफवाह फैेेेलाई। हालांकि, उसे सकुशल उसके परिजन को शनिवार को सौंप दिया गया।
