राजेश सरकार / प्रयागराज
बारा तहसील परिसर में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (संगम) ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम बारा को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके तत्काल समाधान की मांग की गई। संगठन ने आरोप लगाया कि वन विभाग द्वारा ग्राम जूही में किसानों की भूमिधरी भूमि पर गलत तरीके से कंटूर ट्रेंच (गड्ढे) खोदे गए हैं। जबकि राजस्व अभिलेखों और स्थानीय जांच में उक्त भूमि किसानों के नाम दर्ज है। यूनियन ने इन गड्ढों को तत्काल भरवाने और जिम्मेदार वन विभाग कर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा ज्ञापन में आराजी संख्या 96 में पट्टा प्राप्त किसानों की भूमि को वन विभाग के कब्जे से मुक्त कराने तथा गलत सीमांकन चिह्नों को हटाने की मांग भी शामिल रही। संगठन ने वन विभाग पर हरे पेड़ों की अवैध कटान, नियमों को ताक पर रखकर वन भूमि पर औद्योगिक इकाइयां और सोलर प्लांट स्थापित कराने तथा अवैध मिट्टी खनन कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए। यूनियन का कहना है कि बारा और शंकरगढ़ क्षेत्र में संचालित विभिन्न उद्योगों, सोलर प्लांटों, सीमेंट फैक्ट्रियों और सिलिका खदानों से लगातार पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि तय मानकों के अनुसार वृक्षारोपण नहीं किया जा रहा है। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही ज्ञापन में सरकारी समितियों में खाद और बिजली की कालाबाजारी रोकने, अवैध आरा मशीनों के संचालन पर सख्त कार्रवाई करने सहित अन्य मांगें भी उठाई गईं।
