नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में शुमार अशोका यूनिवर्सिटी ने प्रसिद्ध शिक्षाविद् और संस्थान निर्माता प्रोफेसर ऋषिकेश टी. कृष्णन को अपना नया वाइस-चांसलर नियुक्त करने की घोषणा की है। वह 1 अगस्त 2026 से तीन वर्ष के प्रारंभिक कार्यकाल के लिए पदभार संभालेंगे और प्रोफेसर सोमक रायचौधरी का स्थान लेंगे, जिनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक उत्कृष्टता, संस्थागत मजबूती और वैश्विक पहचान के नए आयाम स्थापित किए।
यह नियुक्ति यूनिवर्सिटी की गवर्निंग बॉडी द्वारा गठित चयन समिति की विस्तृत खोज और मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद की गई है। शिक्षा, नवाचार और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में दशकों का अनुभव रखने वाले प्रो. कृष्णन को देश के सबसे प्रभावशाली शैक्षणिक नेताओं में गिना जाता है।
प्रोफेसर कृष्णन की शैक्षणिक यात्रा बहुआयामी रही है। उन्होंने आईआईटी कानपुर से भौतिकी में इंटीग्रेटेड एमएससी, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग-इकोनॉमिक सिस्टम्स तथा आईआईएम अहमदाबाद से प्रबंधन एवं सार्वजनिक नीति में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। उनका शोध कार्य भारत में नवाचार, संगठनात्मक विकास और राष्ट्रीय नीति निर्माण जैसे विषयों पर केंद्रित रहा है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक मान्यता मिली है।
नवाचार पर लिखी उनकी चर्चित पुस्तकों ‘फ्रॉम जुगाड़ टू सिस्टेमैटिक इनोवेशन’ तथा ‘8 स्टेप्स टू इनोवेशन’ को अकादमिक जगत में विशेष सराहना मिली। दूसरी पुस्तक को वर्ष 2013 में इंडियन सोसायटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट का सर्वश्रेष्ठ पुस्तक पुरस्कार भी प्राप्त हुआ था।
प्रोफेसर कृष्णन इससे पहले आईआईएम इंदौर और आईआईएम बैंगलोर के निदेशक के रूप में सफल कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। आईआईएम बैंगलोर में उन्होंने स्कूल ऑफ मल्टिडिसिप्लिनरी स्टडीज की स्थापना की और अर्थशास्त्र तथा डेटा साइंस में नए स्नातक कार्यक्रमों की शुरुआत का नेतृत्व किया। वे उच्च शिक्षा वित्तपोषण एजेंसी, मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन सहित कई महत्वपूर्ण संस्थाओं के प्रबंधन बोर्ड का हिस्सा भी रहे हैं।
राष्ट्रीय नीति निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वे डेटा प्रोटेक्शन फ्रेमवर्क तैयार करने वाली जस्टिस बी.एन. श्रीकृष्ण समिति के सदस्य रहे और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की विभिन्न समितियों में योगदान दे चुके हैं। वर्ष 2025 में आईआईटी कानपुर ने उन्हें अपने सर्वोच्च पूर्व छात्र सम्मान ‘प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार’ से सम्मानित किया था।
अशोका यूनिवर्सिटी के चांसलर रुद्रांशु मुखर्जी ने कहा कि प्रोफेसर ऋषिकेश टी. कृष्णन का दूरदर्शी नेतृत्व और संस्थान निर्माण का अनुभव विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने प्रोफेसर सोमक रायचौधरी के योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व ने संस्थान की विकास यात्रा पर अमिट छाप छोड़ी है।
नई नियुक्ति के साथ अब अशोका यूनिवर्सिटी एक नए शैक्षणिक अध्याय की ओर बढ़ने जा रही है, जिससे उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
