राजेश सरकार / प्रयागराज
नशा मुक्त भारत अभियान : विकसित भारत की पहचान थीम के अंतर्गत 17 से 26 जून तक आयोजित नशा मुक्ति जन-जागरूकता सप्ताह के तहत राजर्षि टंडन महिला महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई-055 ने विविध जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। इसका उद्देश्य युवा वर्ग को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अजय प्रकाश खरे के निर्देशन में 17 जून को स्लोगन प्रतियोगिता, 21 जून को पोस्टर प्रतियोगिता तथा 23 जून को कहानी लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। इन प्रतियोगिताओं में स्वयंसेविकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नशामुक्त समाज, स्वस्थ जीवन और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिताओं के दौरान छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्लोगन, पोस्टर और कहानियों में सामाजिक सरोकार, जागरूकता और रचनात्मक सोच का उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला। प्रतिभागियों ने नशे के दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए समाज को इसके प्रति सचेत रहने का संदेश दिया।
प्राचार्य प्रो. अजय प्रकाश खरे ने छात्राओं की प्रस्तुतियों का अवलोकन करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत का निर्माण तभी संभव है, जब युवा पीढ़ी स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ समाज को भी जागरूक बनाने में सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियाँ न केवल युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग भी प्रशस्त करती हैं।
प्राचार्य ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी संपत्ति है। यदि युवा वर्ग नशे से दूर रहकर शिक्षा, संस्कार और नैतिक मूल्यों को अपनाए, तो एक स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षिका प्रो. नीलिमा सिंह, प्रो. नमिता यादव, राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रियंका शर्मा, डॉ. अमितेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. विवेक सिंह, डॉ. शमेनाज़ बानो, डॉ. अंशु त्रिपाठी, डॉ. वर्षा अग्रवाल, डॉ. अनिल कुमार यादव सहित महाविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहीं।
समापन अवसर पर स्वयंसेविकाओं को नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु जन-जागरूकता फैलाने तथा स्वयं भी नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।
