मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी: बाबाजी सख्त, राय ‘चंपत’

झांकी: बाबाजी सख्त, राय ‘चंपत’

अजय भट्टाचार्य

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश के मुखिया बाबाजी की सख्ती के चलते चंपत राय की विदाई को नैतिकता के पर्दे से ढंका जा रहा है। मामले का खुलासा होने के पहले दिन से ही चंपत राय को सत्य निष्ठा, ईमानदारी, समर्पण और त्याग का महापुरुष बताया जाने लगा था। राम मंदिर आंदोलन का प्रमुख चेहरा स्थापित करने का प्रयास विहिप और कुछ चापलूसों के द्वारा किया गया। चंपत राय बेशर्मी के साथ अपने पद पर बने रहे। जब मामले में लगातार खुलासा होने लगा तब बाबाजी से बर्दाश्त नहीं हुआ और उन्होंने स्पष्ट रूप से अयोध्या के कार्यक्रम में चंपत राय को अपने आस-पास फटकने न देने का आदेश जारी किया। फिलहाल चंपत राय ट्रस्ट से चंपत हो चुके हैं। बाबाजी के एक करीबी ने साफ कहा है कि चंपत राय को जेल भिजवा कर ही दम लेंगे।
राज खुल गया!
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले सूरत में तोड़-फोड़ की रहस्यमयी कार्रवाई के करीब एक महीने बाद म्युनिसिपल कमिश्नर नागराजन ने माना कि यह कार्रवाई खुद सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने की थी। इस बात को मानने से पहले का समय अधिकारियों की चुप्पी, अलग-अलग बयानों और यहां तक कि एक जांच कमिटी के एलान से भरा रहा, जिससे यह धारणा बनी कि प्रशासन को खुद नहीं पता था कि यह कार्रवाई करने का आदेश किसने दिया था। अब, कमिश्नर के इस `खुलासे’ के बाद, यह मामला गुजरात के सत्ता के गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। वरिष्ठ अधिकारियों व राजनीतिक जानकारों ने इस मामले को संभालने के तरीके पर हैरानी जताई। यह शायद पहला मामला है जब किसी अधिकारी ने अपने ही प्रशासन की कार्रवाई को छिपाने के लिए इतनी हदें पार कर दीं।
खाली सीटों में बढ़त जारी
ऐसे समय में जब चुनाव आयोग तमिलनाडु में खाली सीटों को भरने के लिए उपचुनाव की तैयारी कर रहा है, खाली सीटों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अन्नाद्रमुक के एक और विधायक और पूर्व मंत्री एमआर विजयभास्कर ने राज्य विधानसभा के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही, १७वीं तमिलनाडु विधानसभा से इस्तीफा देने वाले विधायकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है, जिनमें से छह अन्नाद्रमुक के हैं। इनमें से चार पहले ही टीवीके में शामिल हो चुके हैं, जबकि दो-सी विजयभास्कर और एमआर विजयभास्कर आज या कल सत्ताधारी पार्टी में शामिल होने की संभावना है। विधानसभा में अन्नाद्रमुक में विधायकों की संख्या अब ४७ से घटकर ४१ रह गई है।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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