मुख्यपृष्ठसमाचारएक हफ्ते बाद खून से सना चाकू बरामद

एक हफ्ते बाद खून से सना चाकू बरामद

-लोकल ट्रेन हत्याकांड

फिरोज खान / मुंबई

लोकल ट्रेन में हुए मयंक लोहार हत्याकांड में इस्तेमाल किया गया चाकू एक हफ्ते बाद बरामद कर लिया गया है। हत्या के चंद घंटे बाद ही आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन चाकू नहीं मिलने से पुलिस की रातों की नींद हराम हो गई थी। चप्पे-चप्पे की तलाशी के बाद भी पुलिस के हाथ खाली थे।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए चाकू कहां फेंका था, इसकी सही जानकारी नहीं दे रहा था। वह जानबूझकर चाकू फेंकने की सही जगह नहीं बता रहा था, क्योंकि उसे पता है कि हथियार नहीं मिला तो कोर्ट में जुर्म साबित करना मुश्किल होगा।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने जहां से रिक्शा पकड़ा था, वहां से घर तक हर जगह खाक छानी गई। घर की तलाशी भी ली गई, लेकिन चाकू नहीं मिल पाया था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रिमांड में आरोपी ने ही चाकू का राज उगल दिया और लोकेशन बता दी। चाकू की समस्या तो हल हो गई, लेकिन दूसरी मुसीबत चश्मदीद गवाहों की अभी भी बनी हुई है। फर्स्ट क्लास डिब्बे में मौजूद ३० यात्रियों में से सिर्फ ३ ही गवाही के लिए तैयार हुए हैं। इसके अलावा दूसरा कोई गवाह सामने आने को तैयार नहीं है। अब सवाल है कि महज तीन गवाह कोर्ट में कितनी मजबूती से टिक पाएंगे। हाई कोर्ट के एडवोकेट डॉ. सयैद एजाज अब्बास नकवी का कहना है, ‘किसी भी मर्डर केस में हथियार का बरामद होना जरूरी होता है, वरना आरोपी इसका फायदा उठाकर रिहा हो सकता था।
कई केस में हथियार मिलने में वक्त लगता है, लेकिन पुलिस हर हाल में ढूंढ निकालती है। एक हफ्ते बाद चाकू बरामद होने से पुलिस को अब मजबूती मिल गई है और आरोपी को सजा हो सकती है।

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