क्या मनपा फुटपाथ खाली भी कराएगी?
महानगर के फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध फेरीवालों की शिकायत अब नागरिक मनपा के व्हॉट्सऐप चैटबॉट के माध्यम से कर सकेंगे। शिकायतकर्ता को मौके की तस्वीर और लोकेशन भेजनी होगी, जिसके बाद मामला संबंधित वार्ड कार्यालय तक पहुंचाया जाएगा। मुंबई हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद शुरू की गई यह सुविधा शिकायत दर्ज करना आसान जरूर बनाएगी, लेकिन असली सवाल वही है, क्या शिकायत मिलने के बाद फुटपाथ वास्तव में खाली भी कराया जाएगा?
मुंबई में समस्याओं को लेकर शिकायतों की कमी नहीं, बल्कि कार्रवाई की निरंतरता की है। अनेक स्थानों पर मनपा की टीम अतिक्रमण हटाती है, सामान जब्त करती है और कुछ घंटों बाद उसी जगह फेरीवाले फिर लौट आते हैं। ऐसे में केवल व्हाट्सऐप पर फोटो मंगाने से स्थिति नहीं बदलेगी, जब तक संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी और कार्रवाई की समय सीमा तय नहीं की जाती। मुंबई हाई कोर्ट पहले भी टिप्पणी कर चुका है कि मनपा अधिकारियों के आश्वासनों के बावजूद अवैध फेरीवाले सड़कों और फुटपाथों पर कब्जा कर रहे हैं। अदालत ने गोरेगांव में अवैध फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई और उसका अनुपालन विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए थे।
फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए हैं, लेकिन रेलवे स्टेशनों, बाजारों, अस्पतालों और स्कूलों के बाहर कई जगह लोगों को मजबूर होकर सड़क पर चलना पड़ता है। इससे दुर्घटना, यातायात जाम और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही बाधित होने का खतरा बढ़ता है।
शिकायत नहीं, कार्रवाई चाहिए
व्हॉट्सऐप पर शिकायत दर्ज करना आसान है, लेकिन उसकी सफलता कार्रवाई पर निर्भर करेगी। हर शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई, ट्रैकिंग नंबर, शिकायतकर्ता को अपडेट और दोबारा अतिक्रमण होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय किए बिना यह व्यवस्था भी औपचारिकता बनकर रह जाएगी।
