द्रुप्ति झा / मुंबई
मुंबई मनपा के भ्रष्टाचार और लापरवाही का खामियाजा अब मुंबईकरों को जान देकर चुकाना पड़ रहा है। मानसून से पहले हर साल होनेवाली पेड़ों की छंटाई में मनपा ने इस बार जो लापरवाही दिखाई है, वह जानलेवा साबित हो रही है। आधी-अधूरी तैयारियों के दावों की पोल पहली ही बारिश ने खोलकर रख दी है।
मालाड के बाद अब मंगलवार दोपहर ३:३० बजे चेंबूर के रोड क्रमांक ११ के पास यूनिवर्सल स्कूल के करीब दर्दनाक हादसा हुआ। स्कूल बस पर पेड़ गिरने से बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बस के अंदर एक दर्जन से ज्यादा बच्चे फंस गए थे। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े। दमकल ने बड़ी मशक्कत के बाद बुरी तरह जख्मी बच्चों को बस से बाहर निकालकर पास के जेन प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। सिर फटने से घायल ११ साल के विहीन श्रीवास्तव की मौत हो गई। अन्य बच्चों के भी सिर पर चोट लगी है, सभी का इलाज चल रहा है।
कटाई-छंटाई पर ११७ करोड़ खर्च, फिर भी हादसे
मनपा द्वारा मुंबई शहर में मानसून से पहले पेड़ों की वैज्ञानिक तरीके से कटाई-छंटाई करने और खतरनाक शाखाओं को हटाने के लिए ११७ करोड़ का टेंडर २४ महीनों की अवधि के लिए पास किया गया है। उसके बावजूद मनपा और उनके ठेकेदारों की लापरवाही की वजह से हर साल मानसून के दौरान मुंबईकर हादसों में अपनी जान गंवाते हैं।
पेड़ छंटाई के नाम पर करोड़ों की लूट!
मंगलवार को चेंबूर की घटना से पहले मालाड में भी इसी तरह का एक बड़ा हादसा हुआ था, जहां एक ऑटो पर पेड़ गिरने से ऑटोरिक्शा चकनाचूर हो गया था और ड्राइवर जख्मी हो गया था।
मनपा के आंकड़ों के मुताबिक, कुल पेड़ छंटाई का लक्ष्य ४६,३३६ वृक्ष का था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि मानसून से पहले केवल २५,५७२ वृक्षों की ही छंटाई हो पाई है। बचे हुए खतरनाक पेड़ २०,७६४ हैं यानी मानसून शुरू होने के बाद भी अभी लगभग ४५ प्रतिशत से ज्यादा काम अधूरा है। लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने बार-बार मनपा से पेड़ों को काटने या हटाने की अपील की थी और चेतावनी दी थी कि इनसे सुरक्षा को खतरा है। उन्होंने दावा किया कि इस इलाके में पहले भी ऐसी ही घटना हुई थी, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पहली बारिश में १०० से ज्यादा पेड़ गिरे
२०२६ में मानसून की भारी बारिश के दौरान मुंबई में १०० से अधिक पेड़ और शाखाएं गिरने की घटनाएं हुर्इं। इनमें दादर (स्टेशन के सामने मेन रोड और स्वामी नारायण मंदिर के पास), चेंबूर (यूनिवर्सल हाई स्कूल के पास वैन पर), मालाबार हिल, ब्रीच कैंडी, माटुंगा, विले पार्ले, बांद्रा और विक्रोली में भी पेड़ और शाखाएं गिरने की कई शिकायतें दर्ज की गर्इं।
