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ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर को दक्षिणी कमान की जिम्मेदारी

सामना संवाददाता / पुणे

  ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रभावी नेतृत्व के लिए चर्चित रहे लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, एवीएसएम, वीएसएम ने दक्षिणी कमान के नए प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। भारतीय सेना के इस महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन के तहत उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन का स्थान लिया है, जो अब उप सेनाध्यक्ष के रूप में नई जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल पुष्कर का सैन्य करियर चार दशकों से अधिक समय तक फैला हुआ है। दिसंबर 1988 में 74 आर्मर्ड रेजिमेंट में कमीशन मिलने के बाद उन्होंने सेना की विभिन्न परिचालन और प्रशासनिक संरचनाओं में कार्य किया। उनकी पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में रही है जिन्होंने मैदान से लेकर रणनीतिक स्तर तक नेतृत्व का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 2 कोर के कमांडर के रूप में उन्होंने रणनीतिक दूरदर्शिता और निर्णायक नेतृत्व का परिचय दिया। इसके अलावा वे आर्मर्ड रेजिमेंट, स्वतंत्र आर्मर्ड ब्रिगेड, इन्फैंट्री डिवीजन और स्ट्राइक कोर जैसी महत्वपूर्ण संरचनाओं की कमान संभाल चुके हैं।

स्टाफ नियुक्तियों में उन्होंने सेना के कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। इनमें कर्नल मिलिट्री सेक्रेटरी, कर्नल जनरल स्टाफ, ब्रिगेडियर क्वार्टरमास्टर जनरल, अतिरिक्त महानिदेशक आर्मर्ड कोर तथा महानिदेशक टेरिटोरियल आर्मी जैसे पद शामिल हैं। सैन्य प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है और वे एनडीए में प्रशिक्षक की भूमिका निभा चुके हैं।

विदेशों में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया है। भूटान में भारतीय सैन्य प्रशिक्षण दल तथा मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास में रक्षा एवं सैन्य अताशे के रूप में उनकी नियुक्ति रही है। उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल तथा अन्य कई सैन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है।

पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि दक्षिणी कमान परिचालन तैयारी, स्वदेशी क्षमता निर्माण, आधुनिक तकनीकों के समावेश और संयुक्त सैन्य समन्वय को और मजबूत करने की दिशा में कार्य करती रहेगी।

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