सामना संवाददाता / मुंबई
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत को भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट थी। भाजपा पिछले २५ वर्षों से यहां जीतती आ रही थी। अब बिहार में बदलाव हो रहा है। यह देश में बदलाव के संकेत हैं। बदलाव की यह हवा पूरे देश में गूंजेगी।
गडकरी ही नहीं, मोदी के खिलाफ भी देश में रोष!
शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने कल झोपड़पट्टी पुनर्विकास प्राधिकरण (एसआरए) कार्यालय का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ शिवसेना विधायक सुनील शिंदे भी मौजूद थे। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि वरली विधानसभा क्षेत्र में कई आवासीय परियोजनाओं को गति मिली है। बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल में हमने शुरू की थी। पुलिसकर्मियों को घर उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास किए गए। एसआरए की कई योजनाएं वर्षों से लंबित थीं, जिन्हें शिवसेना ने आगे बढ़ाया। अब वल्लभभाई पटेलनगर और आसपास के क्षेत्रों का विकास बाकी है। इसी संबंध में जानकारी लेने के लिए हम एसआरए कार्यालय आए थे।
इथेनॉल विवाद को लेकर केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी के खिलाफ लोगों में नाराजगी होने के सवाल पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि केवल गडकरी ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी देश में रोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले १२ वर्षों में देश की आर्थिक, सामाजिक और शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्था पैदा हुई है। भाजपा को सरकार चलाना नहीं आता। सरकार विफल हुई है। वास्तविक समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लोगों के अधिकार छीनना चाहती है। उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए बदलाव जरूरी है।
…यह किस संस्कृति में आता है?
भाजपा सांसद रहे बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न के मामले में अदालत द्वारा बरी किए जाने पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि जो लोग पिछले दस दिनों से दूसरों को संस्कृति और भाषा का पाठ पढ़ा रहे थे, उनसे यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि यह किस संस्कृति में आता है?
‘हिंदू विरोधी भाजपा’ हर जगह दिखाई दे रही है
आदित्य ठाकरे ने कहा कि भाजपा का यह कथित हिंदू विरोधी रवैया अब हर जगह दिखाई दे रहा है। अयोध्या के राम मंदिर और मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत का अंतर कम हुआ था। इसका कारण यह था कि कॉरिडोर के नाम पर पुराने मंदिरों को तोड़ा गया, पुजारियों के घर गिराए गए और स्टोन कटर से मूर्तियों को काटे जाने की घटनाएं भी लोगों ने देखीं।
छात्रों पर लाठीचार्ज से पहले संवाद क्यों नहीं किया?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ६ अगस्त को जेन-जी के युवाओं के साथ संवाद करनेवाले हैं। लेकिन यही संवाद छात्रों पर लाठीचार्ज करने, आंसू गैस के गोले दागने, युवा लड़के-लड़कियों को ट्रोल्स द्वारा परेशान किए जाने से पहले और माफी मांगने के लिए मजबूर करने से पहले किया गया होता, तो धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की नौबत नहीं आती। यह संवाद बहुत देर से हो रहा है। इसका अर्थ यही है कि देर आए, लेकिन दुरुस्त नहीं आए, ऐसी आलोचना आदित्य ठाकरे ने की। आदित्य ठाकरे ने कहा कि जेन-जी के युवाओं के साथ अमानवीय मारपीट की गई और उन्हें ‘५० ग्राम ड्रग्स जेब में रख देंगे’ जैसी धमकियां दी गर्इं। उन्होंने चेतावनी दी कि जेन-जी के युवा इस घटना को कभी नहीं भूलेंगे।
