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मानसून में गड्ढे बने काल!.. ७ महीनों में ६ लोगों की मौत… मनपा को २,५०० शिकायतें फिर भी सुध नहीं

फिरोज खान / मुंबई

मानसून आते ही सड़कों पर बने गड्ढे एक बार फिर जानलेवा साबित हुए हैं। पिछले ७ महीनों में अब तक ६ लोग गड्ढों की वजह से जान गंवा बैठे है। बार-बार हादसों में लोगों के जान व माल का नुकसान हो रहा फिर भी संबंधित महानगरपालिका को कोई फिक्र नहीं है। रविवार सुबह जवाहर-डहाणू हाईवे पर गड्ढे से बचने के चक्कर में एक महिला बाइकर की मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल है।
पुलिस के मुताबिक, बांद्रा निवासी ३४ वर्षीय जागृति विराज होगले अपनी महिला बाइकर्स क्लब ‘बाइकरनी’ के साथ वीकेंड पर जवाहर घूमने जा रही थीं। सुबह करीब ९ बजे वैती गांव के पास वे एक ट्रक को ओवरटेक कर रही थीं। बारिश के कारण सड़क पर गड्ढा दिखाई नहीं दिया और हादसा हो गया। ये कोई अकेला मामला नहीं है। मुंबई-नाशिक हाईवे से लेकर घोडबंदर रोड तक हर जगह गड्ढे लोगों की जान ले रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मानसून में मुंबई और आसपास के इलाकों में सड़कों पर गड्ढों की वजह से ६ मौतें हुई हैं। ३ मौत: भिवंडी-निजामपुर, १ मौत: ठाणे, १ मौत: कल्याण और १ मौत: मुंबई में हुई है।
शिकायतों की बात करें तो सिर्फ मुंबई मनपा में पिछले कुछ महीनों में ही २५०० से अधिक नए मामले दर्ज हुए हैं, फिर भी मनपा को कोई फर्क नहीं पड़ता है।
मुंबई के आस-पास बड़े हादसे…घोडबंदर रोड, ठाणे पर १८ मौतें
जनवरी-अक्टूबर २०२५ १८ लोगों की मौत गड्ढों की वजह से हुई। इसी १०.५ किमी स्ट्रेच पर २४ लोग मरे, ज्यादातर बाइक सवार थे।
मुंबई-नासिक हाईवे पर एक बड़े गड्ढे के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ गया। हादसे में ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स के जवान विकास लाहू गोरे की मौत हो गई।
ठाणे-भिवंडी रोड पर गड्ढे की वजह से स्कूटी फिसली। पीछे से आ रहे ट्रक के नीचे आकर सुनीता अक्षयलाल पाल नाम की महिला की मौत हो गई। मुंबई-अमदाबाद नेशनल हाईवे पर एक खतरनाक गड्ढे की वजह से सिर्फ १२ मिनट में १५ से ज्यादा गाड़ियां दुर्घटनाग्रस्त हो गर्इं। कई गाड़ियों के टायर फट गए।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
मुंबई हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि इसके लिए सीधे मनपा अन्य एजेंसियां और ठेकेदार जिम्मेदार हैं। कोर्ट ने यह भी कहा है,‘मुंबई जैसी वित्तीय राजधानी में खराब सड़कों के लिए कोई बहाना नहीं चलेगा’।
सरकारी आंकड़ों की हकीकत
हैरानी की बात है कि सरकारी रिकॉर्ड में इन मौतों को ‘गाड़ी से नियंत्रण खोना’ या ‘स्किड होना’ दर्ज किया जाता है। इसीलिए आधिकारिक डेटा में ‘गड्ढा मौत’ शून्य दिखती है।
गड्ढे ने ली जवान की जान!
मुंबई-नासिक हाईवे पर बड़े गड्ढे के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ गया। हादसे में ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स के जवान विकास लाहू गोरे की मौत हो गई। सड़क की बदहाली पर फिर उठे सवाल।

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