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जमीन के पैसों के विवाद ने ली मजदूर की जान…परिजनों ने जताई हत्या की आशंका…पुलिस जांच में जुटी

राजेश सरकार / प्रयागराज

यमुनानगर में मांडा के एक मजदूर संगम लाल (45) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। पहले जहां इस घटना को कर्ज और तंगहाली से जोड़कर देखा जा रहा था, वहीं अब असली वजह जमीन की खरीद-फरोख्त में हुई धोखाधड़ी और पैसों का गंभीर विवाद बनकर सामने आई है। मृतक के परिजनों ने सीधे तौर पर हत्या की आशंका जताकर मामले को पूरी तरह से गरमा दिया है।
जमीन बेचकर भी खाली हाथ रहा मजदूर…चल रहा था गहरा विवाद
ग्रामीणों और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, संगम लाल ने कुछ समय पहले अपनी गाढ़ी कमाई की जमीन बेची थी। जमीन का सौदा तो हो गया, लेकिन खरीदार ने नियत समय बीत जाने के बाद भी उसे पैसे नहीं दिए। संगम लाल लगातार अपने पैसों के लिए चक्कर काट रहा था, जिसे लेकर खरीदार और उसके बीच काफी समय से तीखा विवाद चल रहा था। एक गरीब मजदूर की पैतृक संपत्ति हड़पने और पैसे न देने की इस दबंगई ने उसे मानसिक और सामाजिक रूप से तोड़कर रख दिया था।
दरवाजा तोड़कर घुसे परिजन…मौके पर पहुंची पुलिस
सोमवार सुबह जब काफी देर तक संगम लाल के कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने किसी तरह अंदर जाकर देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। संगम लाल का शव फांसी के फंदे पर लटक रहा था। घटना की सूचना मिलते ही दिघिया चौकी प्रभारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हत्या या आत्महत्या?..गांव में तरह-तरह की चर्चाएं
इस घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। परिजनों का साफ आरोप है कि यह मामला केवल आत्महत्या का नहीं है, बल्कि इसके पीछे जमीन हड़पने वाले सिंडिकेट और भू-माफियाओं का हाथ हो सकता है। पैसे डकारने और विवाद को हमेशा के लिए खत्म करने की नीयत से वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। संगम लाल के गले पर मिले रस्सी के गहरे निशान कई अनसुलझे सवाल खड़े कर रहे हैं। गले में कसता हुआ वह फंदा असल में उस कमजोर प्रशासनिक और कानूनी व्यवस्था का प्रतीक है, जो समय रहते एक गरीब को उसकी जमीन के पैसे नहीं दिला सकी। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाता है या फिर भू-माफियाओं के रसूख के आगे यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाता है।

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