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हेमंत सोरेन ने शूटिंग रेंज का किया निरीक्षण, अधिकारियों से कहा- खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए करें तैयार

अनिल मिश्र / रांची

झारखंड की राजधानी रांची के खेलगांव स्थित टिकैत उमराव सिंह शूटिंग रेंज का मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शूटिंग रेंज की आधारभूत संरचनाओं, रखरखाव, शूटिंग उपकरणों, खिलाड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था, उपलब्ध खेल सुविधाओं तथा अन्य व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने शूटिंग रेंज के रखरखाव की बदहाल स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण, सुरक्षा मानकों, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, अभ्यास की व्यवस्था तथा अन्य सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड खेल प्रतिभाओं की धरती है। राज्य के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर झारखंड का गौरव बढ़ाया है। ऐसे में उन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और अत्याधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य की उभरती खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे अपनी प्रतिभा का पूर्ण विकास कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य का प्रतिनिधित्व कर सकें।

हेमंत सोरेन ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और आत्मविश्वास का भी आधार है। राज्य सरकार खेल अवसंरचना के विकास, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण तथा उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शूटिंग रेंज के समग्र विकास के लिए आवश्यक कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

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