मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के बाद महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किए जाने की जानकारी सामने आई है। चंपत राय के स्थान पर सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राम मंदिर के चढावे में कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद बुलाई गई ट्रस्ट की यह पहली बैठक लगभग तीन घंटे तक चली। बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य गोविंद देव गिरी ने बताया कि चंपत राय का कहना था कि जब तक मामले के आरोपी पकडे नहीं जाते, तब तक उनके लिए पद पर बने रहना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद और लज्जाजनक है तथा इससे सभी ट्रस्टी आहत हैं।
बैठक में ट्रस्ट के सदस्य के. पाराशरण ने कहा कि ट्रस्ट के संविधान के अनुसार त्यागपत्र मिलते ही उसे स्वीकार करने का प्रावधान है। इसी आधार पर चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया गया।
नवनियुक्त कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि चढावा चोरी के आरोपियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रबंधन की कुछ कमियों का लाभ उठाया गया, जिन्हें दूर किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। उन्होंने कहा कि समाज में पैदा हुए अविश्वास को समाप्त कर श्रद्धालुओं का भरोसा फिर से कायम करना ट्रस्ट की प्राथमिकता होगी।
बैठक के दौरान कुछ ऐसी वस्तुएं भी प्रस्तुत की गईं, जिनके बारे में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से गायब होने की अफवाहें फैल रही थीं। ट्रस्ट ने इन अफवाहों का भी परीक्षण किया।
सूत्रों के अनुसार, चंपत राय और गोपाल राव बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्हें बैठक कक्ष में प्रवेश नहीं मिला। यह भी चर्चा रही कि गोपाल राव के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं ट्रस्टी अनिल मिश्रा भी बैठक में शामिल नहीं हो सके। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने की। पहले उनके स्वास्थ्य कारणों से बैठक में शामिल न होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन बैठक से कुछ घंटे पहले जारी उनके पत्र के बाद सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई। स्थिति यह रही कि ट्रस्ट सदस्यों के मोबाइल फोन भी प्रवेश द्वार पर जमा कराए गए, ताकि बैठक की गोपनीयता बनी रहे।
कोषाध्यक्ष आचार्य गोविंद देव गिरी ने बताया कि पदेन सदस्य के. पाराशरण, नृपेंद्र मिश्रा, केंद्र सरकार के प्रतिनिधि प्रशांत लोखंडे तथा उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि संजय प्रसाद ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट में कुल 14 सदस्य हैं, जिनमें चार पदेन सदस्य हैं। किसी भी प्रस्ताव को पारित करने के लिए दो-तिहाई सदस्यों की सहमति आवश्यक होती है। पदेन सदस्यों के मतों की गणना नहीं होती। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद शेष सदस्यों की सहमति से निर्णय लिए जाएंगे।
इससे पहले ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने पत्र जारी कर पहली बार चढावा चोरी के मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस घटना से वह आहत हैं और जिसने भी यह पाप किया है, उसे कडी से कडी सजा मिलनी चाहिए।
बैठक समाप्त होने के बाद सबसे पहले निर्मोही अखाडे के महंत दिनेंद्र दास बाहर निकले। इसके बाद अन्य ट्रस्ट सदस्य भी परिसर से बाहर आए। बैठक में राम मंदिर के चढावे में कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं से जुडे विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
