10 भैंसें और एक बैल बाढ़ में बहे, मनोर में 560 मुर्गियां तथा नावझे गांव के पोल्ट्री फार्म में 1,500 चूजों की मौत
राधेश्याम सिंह / पालघर
चार दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पालघर जिले में बाढ जैसे हालात बन गए हैं। जिला प्रशासन ने राहत, बचाव और पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिए हैं। जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष डॉ. इंदू रानी जाखड के नेतृत्व में प्रशासन, एनडीआरएफ, पुलिस तथा अन्य विभागों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत कार्य में जुटी हैं।
प्रशासन के अनुसार 6 जुलाई को सुबह 10:15 बजे तक जिले में औसतन 132.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 203 मिमी वर्षा वसई तहसील में हुई, जबकि वाडा में 180.6 मिमी, पालघर में 164.6 मिमी तथा डहाणू में 103.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले में कुल वर्षा 350 से 400 मिमी तक पहुंचने का अनुमान है।
भारी बारिश के बीच डहाणू के शेणसरी गांव में एक व्यक्ति की मौत की सूचना है। कई स्थानों पर पशुओं तथा संपत्ति का भी भारी नुकसान हुआ है। माहीम-केळवा लघु पाटबंधारे बांध पूरी तरह भर चुका है, जिससे 2,951 क्यूसेक पानी छोडा जा रहा है। एहतियात के तौर पर बांध के निचले क्षेत्रों के गांवों को अलर्ट कर दिया गया है।
संवेदनशील गांवों के 286 परिवारों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। इसके अलावा जिले के विभिन्न बाढ प्रभावित क्षेत्रों से कुल 491 नागरिकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। इनमें वसई के चंद्रपाडा-वाकीपाडा से 195, कामण-भेंडीपाडा-मोरिगांव से 65, अर्नाला से 76, टेंभी से 56 तथा वाडा तहसील से 19 नागरिक शामिल हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए झांझरोली में एनडीआरएफ की टीम तैनात की गई है, जबकि एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीम भी मांगी गई है।
बारिश के कारण केळवा रोड स्थित देवी पाडा में मनोज पाटील की 10 भैंसें और एक बैल बाढ में बह गए। वहीं मनोर क्षेत्र में 560 मुर्गियों तथा नावझे गांव में रुपेश वसंत सोगळे के पोल्ट्री फार्म में 1,500 चूजों की मौत हो गई।
प्रशासन के अनुसार जिले में दो पक्के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 55 पक्के मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा दो कच्चे मकान पूरी तरह ढह गए तथा 66 घरों में पानी भर गया।
जलभराव के कारण ढेकाळे, केळवे रोड पुल, पालघर-बोईसर मार्ग, सफाळे मुख्य बाजार, कुरलाई देवी-सफाळे स्टेशन मार्ग, निकणे-वढने मार्ग, वांगाव-चिंचणी मार्ग तथा भोपाली पुल पर यातायात प्रभावित रहा। हालांकि मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सामान्य रूप से जारी है। नालासोपारा में जलभराव के कारण सुबह कुछ समय के लिए पश्चिम रेलवे की उपनगरीय सेवाएं भी प्रभावित रहीं।
इस बीच डहाणू रेलवे स्टेशन पर फंसे यात्रियों को महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एमएसआरटीसी) की बसों के माध्यम से सुरक्षित रूप से ठाणे, कल्याण और बोरीवली भेजा गया।
जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड और पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख ने प्रभावित क्षेत्रों तथा बांध परिसर का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदियों, नालों, बांधों, झरनों और समुद्र तटों से दूर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और नागरिकों के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
