मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पवेलियन : मैदान के अंदर जंग

आउट ऑफ पवेलियन : मैदान के अंदर जंग

अमिताभ श्रीवास्तव

हारने की पीड़ा ऐसी होती है कि आदमी अपना आपा खो बैठता है। अब देखिये न अर्जेंटीना के खिलाड़ी स्पेन से हारने के बाद आपा खो बैठे। वे आपस में भी भिड़े और स्पेन के खिलाड़ियों से भी लड़ाई की। जी हां, स्पेन से विश्व कप फाइनल हारने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने सामूहिक मारपीट शुरू कर दी। फाइनल सीटी बजने के बाद हारने वाली टीम की निराशा फूट पड़ी और लिएंड्रो पारेडेस स्पेन के स्टार खिलाड़ी गावी पर टूट पड़े। अर्जेंटीना ने स्पेन के खिलाफ १२० मिनट के पूरे मैच में शर्मनाक प्रदर्शन किया। उस समय माहौल में तनाव भड़क उठा जब नाहुएल मोलिना ने अपने साथियों के जश्न में शामिल होने के लिए मैदान पर दौड़ रहे स्पेन के एक सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी को मुक्का मार दिया। परेडेस भी इस झड़प में शामिल हो गए, उन्होंने गावी पर मुक्के बरसाने शुरू कर दिए और उन्हें जमीन पर पटक दिया। उनके इस व्यवहार के परिणामस्वरूप, रेफरी स्लावको विन्सिक ने पारेडेस को लाल कार्ड दिखाया। हैरान करने वाली बात यह रही कि अर्जेंटीनाई मैनेजर स्कालोनी को मैनचेस्टर सिटी के पूर्व स्टार एरिक गार्सिया के साथ झड़प करते हुए भी देखा गया। अर्जेंटीना टीम की यह हरकत आश्चर्यजनक रही। जिसकी फुटबॉल विश्व में आलोचना हो रही है।
मैदान के बाहर दंगा
विश्व कप फाइनल में स्पेन के हाथों अर्जेंटीना की निराशाजनक हार के बाद मैच वाली रात ब्यूनस आयर्स की सड़कों पर हिंसक दंगे भड़क उठे। मैच देखने के लिए अर्जेंटीना की राजधानी की सड़कों पर हजारों लोग जमा हुए थे लेकिन अंतिम सीटी बजने के बाद हारने वालों का गुस्सा फूट पड़ा। रात करीब ११.४५ बजे दंगे भड़क उठे जब नाराज प्रशंसकों की सड़कों पर पुलिसकर्मियों से झड़प हो गई। अर्जेंटीना के अखबार इंफोबे के अनुसार, कम से कम १५ लोगों को गिरफ्तार किया गया और कई नागरिक और पुलिस अधिकारी घायल हो गए। यह झड़प तब शुरू हुई जब कई प्रशंसक ६७.५ मीटर ऊंचे राष्ट्रीय स्मारक ओबिलिस्क की सुरक्षात्मक बाड़ पर चढ़ गए। अचानक अफरा तफरी मच गई क्योंकि प्रशंसकों ने पुलिस पर कांच की बोतलें और अन्य वस्तुएं फेंकना शुरू कर दिया। पुलिस ने भीड़ को शांत करने के हताश प्रयास में आंसू गैस के गोले दागे, पानी की बौछारें की और रबर की गोलियां चलाईं। उस रिपोर्ट के अनुसार, २० मिनट तक चले इस भयावह संघर्ष में सात पुलिस अधिकारी बुरी तरह घायल हो गए। फुटबॉल विश्व में यह अक्सर देखा गया है कि इसके दीवानों को हार नहीं पचती और वे इतने गुस्से में आ जाते हैं कि हिंसक वारदातें कर बैठते हैं। पुलिस ने कई प्रदर्शनकरियों को पकड़ा है।
(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)

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