काला जादू

तुमसे पहले यकीं न था दुनिया में होता है
काला जादू
लाख संभाला, जुल्फ कर गई मुझ पर
काला जादू
मैं एहतियातन टोने-टोटके कर आया
जानता था नजर मिलेगी औ जीतेगा तेरा
काला जादू
भूला खुद को, खुदाई को, बस याद है तेरा
काला जादू
क्या मेरा कुसूर? क्या तेरा गुनाह?
खुद-ब-खुद आ गया ढूंढता अपने हिस्से का
काला जादू।
-डाॅ. रवीन्द्र कुमार, नई दिल्ली

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