राजेश सरकार / प्रयागराज
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के आह्वान पर मंगलवार को आयोजित किसान महापंचायत में बड़ी संख्या में जुटे किसानों ने विभिन्न मुद्दों पर हुंकार भरी और सरकार को घेरा। धरना स्थल पर किसानों ने जमकर नारेबाजी की। भाकियू ने इस महापंचायत के माध्यम से अपनी ताकत का प्रदर्शन भी किया। किसी प्रकार का हंगामा न हो, इसे लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। आसपास बैरिकेडिंग कर पुलिस और आरएएफ की तैनाती की गई।
सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर में आयोजित ‘डेरा डालो, घेरा डालो किसान सम्मान महापंचायत’ में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। इस दौरान भाकियू नेता राकेश टिकैत का इंतजार होता रहा, लेकिन किन्हीं कारणों से वे कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके।
दरअसल, भाकियू युवा के प्रदेश अध्यक्ष समेत अन्य लोगों के खिलाफ एक साथ आठ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जमीन से संबंधित इन मामलों में बुलडोजर कार्रवाई भी की गई। इसके बाद भाकियू ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी की थी। महापंचायत को उसी विरोध प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है।
महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर लेकर पहुंचे थे। प्रशासन ने सभी ट्रैक्टरों को एक स्थान पर खड़ा करा दिया। इस दौरान किसान नेता “भारत माता की जय”, “जय किसान” और “जब तक किसान रहेगा, धरती पर तूफान रहेगा” जैसे नारे लगाते रहे।
भाकियू नेताओं ने कहा कि यह महापंचायत किसानों, युवाओं और ग्रामीण समाज से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर आयोजित की गई है। महापंचायत में किसानों को समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने, ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, गलत बिल देने वाले स्मार्ट मीटर हटाकर मैन्युअल मीटर लगाने, भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द करने तथा युवाओं के रोजगार, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
इसके साथ ही किसानों की सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने, प्रभावित किसानों को न्याय दिलाने, बारा पावर प्लांट से प्रभावित किसानों से किए गए वादे पूरे कराने, आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, प्राथमिक विद्यालयों के विलय पर रोक लगाने तथा जर्जर विद्यालय भवनों के निर्माण सहित किसानों और ग्रामीण जनता से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए। साथ ही, आगे के संघर्ष की रूपरेखा भी तैयार की गई।
