अनिल मिश्र / पटना
नीट परीक्षा पेपर लीक, सीबीएसई परीक्षा परिणाम में कथित भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित छात्रों, कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को बलपूर्वक दबाने तथा कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सुमन बानचुंग, प्रीति बोरा सहित अन्य प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस द्वारा हटाए जाने की घटना के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की आलोचना की।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि छात्रों के आंदोलन के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास के बाहर राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी तथा इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ धरने पर बैठे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के समक्ष पांच मांगें रखी हैं, जिनके समर्थन में कांग्रेस देशभर में आवाज बुलंद करेगी।
कांग्रेस की प्रमुख मांगों में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, छात्रों के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेना, संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराना तथा छात्रों के साथ हुए कथित व्यवहार के लिए केंद्र सरकार द्वारा देश से माफी मांगना शामिल है।
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, टिंकू गिरी, शिव कुमार चौरसिया, विपिन बिहारी सिन्हा, विशाल कुमार सहित अन्य नेताओं ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन से घबराकर केंद्र सरकार गैर-लोकतांत्रिक कदम उठा रही है।
