एमएसएमई हैकथॉन आइडिया 6.0 के तहत संयुक्त आयुक्त, उद्योग, आगरा श्री अनुज कुमार ने तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के स्टुडेंट्स को हैकाथॉन की थीम, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, प्रभावी प्रोजेक्ट प्रस्ताव तैयार करने के प्रमुख बिंदुओं और मूल्यांकन प्रक्रिया से विस्तार से समझाई। इस हैकाथॉन के अंतर्गत चयनित नवाचारों को ₹15 लाख तक का अनुदान सहायता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्होंने छात्रों को अपने अभिनव विचारों को व्यावहारिक एवम् प्रभावशाली स्टार्टअप प्रस्ताव के रूप में विकसित कर अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। संयुक्त आयुक्त, उद्योग श्री अनुज कुमार तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के टीएमआईएफ- तीर्थंकर महावीर इन्नोवेटिव फाउंडेशन की ओर से प्रपोजल डवलपमेंट एंड मेंटरिंगः ट्रांसफॉर्मिंग इन्नोवेटिव आइडियाज़ इनटु विनिंग स्टार्टअप प्रपोजल्स पर एमएसएमई आइडिया हैकाथॉन 6.0 में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम में असिस्टेंट डीन अकेडमिक्स डॉ. नेहा आनंद और इंस्टिट्यूशन इन्नोवेशन काउंसिल-आईआईसी के कोर्डिनेटर श्री प्रदीप कुमार वर्मा की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रतिभागियों ने इन विशेषज्ञों से संवाद कर अपने स्टार्टअप विचारों को मजबूत प्रस्ताव के रूप में विकसित करने संबंधी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त किया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए टीआईएमएफ इन्क्यूबेशन मैनेजर श्रीमती ज्योति मदान ने प्रतिभागियों को टीआईएमएफ की स्थापना, उद्देश्य एवम् यूनिवर्सिटी में विकसित किए जा रहे स्टार्टअप और इन्नोवेशन इकोसिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया, टीआईएमएफ स्टुडेंट्स, शोधार्थियों एवम् नवाचारकर्ताओं को उनके अभिनव विचारों को सफल स्टार्टअप में परिवर्तित करने हेतु मेंटरशिप, प्री-इन्क्यूबेशन, इन्क्यूबेशन, उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, नेटवर्किंग और विभिन्न सरकारी योजनाओं के फंडिंग अवसरों तक पहंुच प्रदान करता है। इस कार्यशाला में इन्क्यूबेशन के डिप्टी मैनेजर श्री दीपक जैन के संग-संग यूनिवर्सिटी के विभिन्न संकायों के स्टुडेंट्स, शोधार्थियों, नवाचारकर्ताओं के साथ-साथ टीएमआईएफ से जुड़े इन्क्यूबेटेड स्टार्टअप्स ने भी सक्रिय रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों से आह्वान किया गया कि वे एमएसएमई आइडिया हैकाथॉन 6.0 के जरिए उपलब्ध इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाते हुए अपने नवाचारी विचारों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करें। साथ ही भारत के स्टार्टअप एवम् नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
