अनिल मिश्र / रांची
छात्रों, युवाओं, किसानों, मजदूरों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों की आवाज़ दबाने वाली मोदी सरकार दमन और अहंकार का प्रतीक बन चुकी है। उसे अब सत्ता छोड़ देनी चाहिए। यह बातें झारखंड की राजधानी रांची में पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय तथा झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने संयुक्त प्रेस बयान जारी कर कहीं।
दोनों नेताओं ने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह केवल छात्रों पर हमला नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र, संविधान और युवाओं के भविष्य पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सड़कों पर छात्रों का खून बहा और लोकतंत्र पर डंडा चला। यह मोदी सरकार द्वारा अपने राजनीतिक ताबूत में एक और कील ठोकने जैसा कदम है।
उन्होंने कहा कि देश का युवा शिक्षा, रोजगार, पारदर्शी भर्ती और अपने भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहा है, लेकिन मोदी सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय पुलिस की लाठियों से जवाब दे रही है। यह सरकार संवाद के बजाय दमन के माध्यम से शासन चलाना चाहती है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि आज देश का किसान अपनी फसल का उचित मूल्य, मजदूर सम्मानजनक मजदूरी, छात्र रोजगार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, जबकि दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक सामाजिक न्याय की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार हर असहमति का जवाब दमन और भय के माध्यम से देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि जिस सरकार को युवाओं के हाथों में रोजगार देना चाहिए था, उसने उनके हाथों में डिग्री और सिर पर लाठियां थमा दीं। जिस सरकार को विश्वविद्यालयों को ज्ञान का केंद्र बनाना चाहिए था, उसने उन्हें पुलिस छावनी में बदलने का प्रयास किया। लोकतंत्र में विरोध करना अपराध नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
विजय शंकर नायक ने कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग की घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर अत्यधिक बल प्रयोग या अधिकारों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने की भी मांग की।
कांग्रेस की प्रमुख मांगों में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष न्यायिक जांच, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई, घायल छात्र-छात्राओं को समुचित उपचार एवं आर्थिक सहायता, शांतिपूर्ण प्रदर्शन से जुड़े छात्रों पर दर्ज मामलों की समीक्षा कर न्यायसंगत निर्णय तथा शिक्षा, रोजगार और छात्रों की मांगों पर तत्काल सार्थक एवं समयबद्ध संवाद शुरू करना शामिल है।
मंगलवार को रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में सुबोधकांत सहाय और विजय शंकर नायक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान, लोकतंत्र और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है और आगे भी छात्र-युवाओं की आवाज़ को मजबूती से उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि यह केवल छात्रों के समर्थन का प्रश्न नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा का विषय है। यदि सरकार युवाओं की आवाज़ सुनने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास करेगी तो देश का लोकतांत्रिक समाज इसका जवाब भी लोकतांत्रिक तरीके से देगा।
