डॉ. मंगलेश्वर त्रिपाठी / लखनऊ
राजधानी के मदेयगंज थाना क्षेत्र में व्यापारियों को सस्ते सामान का झांसा देकर लूट करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। एडीसीपी सेंट्रल जोन जितेंद्र दुबे के नेतृत्व में तथा एसीपी महानगर अंकित कुमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अनुज कुमार तिवारी की टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से लूटी गई रकम में से 1.92 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। गिरोह का एक सदस्य फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
घटना 20 जुलाई 2026 की सुबह की है। मुंशीपुलिया निवासी डिस्पोजल व्यापारी महेंद्र कुमार के पास एक अज्ञात व्यक्ति आया और स्वयं को चौक का बड़ा व्यापारी बताकर पक्का पुल के पास स्थित बाजार से दोना-पत्तल और क्रॉकरी काफी सस्ते दाम पर दिलाने का झांसा दिया। सस्ते दाम के लालच में महेंद्र कुमार 2.50 लाख रुपये नकद लेकर तय स्थान पर पहुंच गए।
आरोपी उन्हें बंधा रोड स्थित रूमी जरी के पास सुनसान स्थान पर ले गया। जैसे ही महेंद्र कुमार ने मोटरसाइकिल की डिग्गी से रुपये निकाले, पहले से घात लगाए दो अन्य बदमाश वहां पहुंच गए और तीनों ने मिलकर रुपये से भरा बैग छीन लिया तथा फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। डीसीपी मध्य के निर्देश पर गठित टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने 21 जुलाई को सुबह 11:30 बजे गोमती नदी किनारे पक्का पुल के नीचे घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सोहन शेख (38 वर्ष), निवासी मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल, वर्तमान पता बवाना, दिल्ली; सोहेल (29 वर्ष), निवासी मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल तथा राकिब (28 वर्ष), निवासी उत्तर दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे व्यापारियों को सस्ते माल का झांसा देकर सुनसान स्थान पर बुलाते थे और फिर उनसे लूट की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस के पहुंचने के दौरान चौथा आरोपी अनवार रुपये की गड्डी लेकर फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध मु.अ.सं. 0096/2026, धारा 309(2) एवं 317(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
