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सिक्किम की सुरंग में जहरीली गैस का विस्फोट…10 मजदूरों की मौत…17 अब भी लापता

-भूस्खलन से सुरंग का रास्ता बंद…मीथेन और जहरीली गैसों ने बचाव अभियान किया मुश्किल

सामना संवाददाता / गंगटोक

सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भीषण हादसे में कम से कम 10 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 17 लोगों के अब भी अंदर फंसे होने की आशंका है। सुरंग के भीतर मीथेन सहित जहरीली गैसों की मौजूदगी के कारण राहत एवं बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
हादसा दक्षिण सिक्किम के समारदुंग गांव में निर्माणाधीन तीस्ता चरण-छह जलविद्युत परियोजना की सुरंग में सोमवार दोपहर करीब 3:09 बजे हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरंग के भीतर गैस जमा होने से जोरदार विस्फोट हुआ। इसके बाद मलबा गिरने और भूस्खलन के कारण सुरंग का प्रवेश द्वार बंद हो गया। घटना के समय सुरंग के भीतर बड़ी संख्या में मजदूर और इंजीनियर काम कर रहे थे। अब तक 10 शव बाहर निकाले जा चुके हैं और 12 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। एनएचपीसी के अनुसार, दुर्घटना के समय सुरंग में करीब 25 कर्मचारी मौजूद थे।
हादसे की जानकारी मिलने पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल, पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमों को मौके पर भेजा गया। हालांकि, सुरंग के भीतर मीथेन, कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसें मिलने से बचावकर्मियों को विशेष श्वसन उपकरणों के साथ अंदर जाना पड़ रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, विस्फोट इतना तेज था कि सुरंग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। कुछ मजदूरों ने बाहर निकलने से पहले तेज धमाके की आवाज सुनी थी। राहत कार्य में सहायता करने के लिए सुरंग में गए एनएचपीसी के छह अधिकारी भी कुछ समय के लिए अंदर फंस गए थे। यह सुरंग 500 मेगावाट क्षमता वाली तीस्ता चरण-छह जलविद्युत परियोजना का हिस्सा है। परियोजना का निर्माण पटेल इंजीनियरिंग द्वारा किया जा रहा है। एनएचपीसी का वरिष्ठ प्रबंधन घटनास्थल पर पहुंच गया है और बचाव अभियान की निगरानी कर रहा है।
हिमालयी क्षेत्र की कमजोर चट्टानों, लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका के कारण सुरंग निर्माण को पहले से ही जोखिमपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि भूमिगत चट्टानों के बीच जमा मीथेन गैस विस्फोट की वजह हो सकती है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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